35 लाख के घोटाले में प्रधान-सचिव पर होगी एफ आईआर
घोटाले की पुष्टि होने के बाद डीएम ने की कार्रवाई
स्वच्छ भारत मिशन के 15 व ग्राम निधि के 19 लाख हड़प लिए
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत खोराबार के रामपुर गांव में शौचालय निर्माण के साथ ही पंचायत के कई अन्य विकास कार्यों में करीब 35 लाख के घोटाले के मामले में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने और सख्ती की है। उन्होंने एडीओ खोराबार को गांव के प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। इसके अलावा प्रधान को नोटिस देकर 15 दिन में यह स्प्ष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों न उनका पावर सीज कर दिया जाए ? विभागीय कार्यवाही के लिए सचिव से भी जवाब तलब किया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गरिमा दस्ते ने 20 जून को रामपुर गांव के शौचालयों का सत्यापन कराया था, जिसमें इस घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुराने शौचालयों को ही नया बताकर भुगतान कर दिया गया तो कई फ र्जी लाभार्थियों का नाम सूची में डालकर धन निकाल लिया गया। कई लाभार्थी तो गांव के थे ही नहीं। गरिमा दस्ते की जांच के बाद एडीओ खोराबार ने डीपीआरओ को भेजी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत रामपुर में ग्राम प्रधान ने 231 लाभार्थियों का एमआइएस कराया था। गरिमा दस्ते के सत्यापन में फर्जी तरीके से एमआइएस कराकर धनराशि गबन करने के प्रमाण मिले। शौचालयों के निर्माण के लिए 18.24 लाख रुपये शासन द्वारा जारी किए गए थे। इस रकम को ग्राम प्रधान रामधनी, सचिव नवीन बरनवाल ने नकद निकाल लिया जबकि यह रकम सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजने का नियम है। यही नहीं, एडीओ की जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत में ग्राम निधि प्रथम के राज्य वित्त एवं 14वां वित्त आयोग से भेजी गई 19.89 लाख रुपये की रकम का भी दुरुपयोग किया गया है।