पैसेंजर ट्रेन से परिवार के साथ शादी में शामिल होने जा रहे रेलवे गार्ड भी जहरखुरान के झांसे में आ गए। खुद को आरपीएफ का सिपाही बताकर बदमाश ने नजदीकी बढ़ाई और फिर सोनपापड़ी खिलाकर अचेत करने की कोशिश की। तबीयत बिगड़ने से संदेह होने पर परिवार के सदस्य सचेत हो गए और लूट तथा गार्ड की जान बच गई।
घटना की चपेट में आए पूर्वोत्तर रेलवे में गार्ड के पद पर तैनात अरविंद कुमार। वह बुधवार शाम 6:20 पर चलने वाली गोरखपुर-नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन से परिवार के साथ कप्तानगंज एक शादी में शामिल होने जा रहे थे। गार्ड की बोगी के नजदीकी कोच में सवार इस परिवार के बीच अचानक एक युवक पहुंचा और खुद को आरपीएफ का सिपाही बताकर अरविंद कुमार को पुरानी मुलाकात का हवाला देने लगा। अरविंद ने पहचाने से इन्कार किया तो नए सिरे से परिचय की बात करके रेल महकमे के कई बिंदु चर्चा में ले आया। बातचीत के बीच झोले से डिब्बा निकालकर उनके आगे सोनपापड़ी पेश की। गनीमत रही कि सोनपापड़ी सिर्फ अरविंद ने खाई और ट्रेन के छावनी स्टेशन पर पहुंचने तक उनकी तबीयत बिगड़ने का अहसास अरविंद की पत्नी को हो गया।
उन्होंने ट्रेन में ड्यूटी कर रहे गार्ड को पति की तबीयत के बारे में बताया। हलचल बढ़ी तो सोनपापड़ी खिलाने वाला कथित आरपीएफ सिपाही गायब हो गया। गार्ड की सूचना पर पहुंची आरपीएफ टीम की मदद से अरविंद को रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जहरखुरानी की गंभीर कोशिश मानते हुए इलाज शुरू किया है। जीआरपी रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।