साइबर क्राइम रोकने के लिए जोन में देवरिया का फार्मूला लागू होगा। एनजीओ की मदद से पुलिस जिले के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ऑनलाइन ठगी की जानकारी देकर इससे बचाव का उपाय बताएगी। आईजी ने सभी कप्तानों को पत्र लिखने के साथ ही कार्य करने की इच्छुक एनजीओ से सहयोग लेने की अपील की है।
देवरिया पुलिस साइबर क्राइम रोकने के लिए एनजीओ की मदद से पूरे जिले में प्रचार गाड़ियां चलवा रही है। शाम को चौराहे पर गाड़ी से पहुंची टीम फोन पर एटीएम कार्ड का नंबर, खाते की डिटेल लेकर ठगी करने वाले गैंग के कारस्तानी की जानकारी देने के साथ ही लोगों को सजग रखने की अपील कर रही है। एटीएम से रुपये निकालते समय बरती जाने वाली सावधानी के साथ अन्य जानकारियां भी दी जा रही हैं। मामले की जानकारी होने पर आईजी मोहित अग्रवाल ने यह व्यवस्था जोन के सभी पुलिस कप्तान से अपने यहां कराने को कहा है। पुलिस का सहयोग करने की इच्छुक एनजीओ (स्वयं सेवी संस्था) से आगे आने की भी अपील की गई है।
यहां रोज ही दर्ज होता है मुकदमा
जिले में औसतन हर रोज साइबर क्राइम का केस दर्ज होता है। जालसाजों के चंगुल में आम लोगाें के अलावा खास भी फंसते हैं पर जानकारी के अभाव में लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम करने वाले लोगों के तरीके को सार्वजनिक करके पुलिस पब्लिक को जागरूक करने का काम करेगी।
साइबर क्राइम से बचने के लिए पब्लिक को जागरूक करने का एसपी देवरिया का फार्मूला सराहनीय है। पूरे जोन में इसे शुरू कराया जाएगा। चौराहों, बाजारों के अलावा टीम स्कूलों में भी जाएगी। दिल्ली और लखनऊ से साइबर एक्सपर्ट को बुलाकर सभी जिले के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कराया जाएगा।
- मोहित अग्रवाल, आईजी जोन