गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर बेलीपार इलाके के मड़वारी कुंआ के पास रोडवेज बस और सफारी में आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में बुजुर्ग मां-बेटी और पोते की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नाती गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे में बस सवार कई यात्री भी घायल हुए हैं। इन सबका अस्पताल में उपचार कराया गया। रोडवेज बस से टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सफारी के परखच्चे उड़ गए। स्टेयरिंग के पास फंसे पोते के शव का करीब दो घंटे बाद क्रेन की मदद से निकाला जा सका।
बेलीपार प्रतिनिधि के मुताबिक बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र के दुबौली गांव निवासी आलोक दुबे (50) स्वयं सफारी गाड़ी चलाकर अपनी दादी छोहाड़ी देवी (75 वर्ष) को इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे थे। उनकी दादी के साथ उनकी बुआ मीरा देवी पत्नी हरिराम पांडेय और फुफेरे भाई केशव पांडेय बैठे थे। बेलीपार के मड़वारी कुंआ के पास सफारी पहुंची थी कि अचानक उसका टायर फट गया और सामने से आ रही आजमगढ़ डिपो की बस से आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में सफारी के परखच्चे उड़ गए और आलोक, मीरा, छोहाड़ी देवी की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह से घायल को सफारी से निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। केशव पांडेय का एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। दुर्घटना में बस में सवार यात्री भी घायल हो गए। वह काफी देर तक दहशत में रहे। बस में बैठी महिलाएं रोने लगी। बस में सवार गीता वाटिका की सोनी शर्माए गोरखनाथ की अंजू और चौरसिया को चोटें आई उन्हें भी जिला अस्पताल ले आया गया।
सफारी की काटनी पड़ी बाॅडी, तब निकला शव
हादसे में सफारी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और ड्राइवर सीट पर बैठे आलोक का शव स्टेयरिंग में फंस गया था। डीसीएम मंगाने के बाद सफारी के बॉडी को काटा गया और फिर आलोक का शव बाहर निकाला जा सका। करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत शव को निकालने के लिए करना पड़ा।
घर पर मचा कोहराम, सभी दौड़े घटनास्थल
हादसे की खबर जैसे ही रामअवध दूबे और हरिराम पांडेय के घर पहुंची कोहराम मच गया। अपने प्रियजनों को खोने की सूचना पाकर परिवार के लोग रोने लगे। दोनों परिवारों से कुछ लोग शुभचिंतकों के साथ घटना स्थल की ओर रवाना हो गए। घायल केशव पांडेय के पिता हरिराम पांडेय जिला अस्पताल पहुंचे और वहां से रेफर होने के बाद केशव को लेकर किसी निजी चिकित्सालय में गए। समाचार लिखे जाने तक केशव का इलाज चल रहा था। उधर आलोक के बड़े भाई घटना स्थल पर रुके रहे और भाई के शव को निकलते बदहवाश देखते रहे।
वाराणसी हाइवे पर लग गया जाम
हादसे की वजह से गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर जाम लग गया। शुरू में एक घंटे तक जाम लगा रहा तो पुलिस ने किसी तरह जाम खाली कराया। आलोक के शव को निकालने के लिए जब जेसीबी आई तो कुछ समय के लिए दोनों ओर गाड़ियों का संचालन ठप हो गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक लोगों को यहां जाम का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे सीओ खजनी, प्रभारी थानाध्यक्ष बेलीपार पुलिस फोर्स के साथ राहत कार्य में जुटे रहे।
एक साथ तीन पीढ़ी के लोगों की मौत
हादसे में एक साथ ही तीन पीढ़ी के लोगों की मौत हो गई। बुजुर्ग दादी, बुआ और पोते की मौत से परिवार वाले सदमे हैं। आलोक के बड़े भाई और फूफा विदेश में रहते हैं। आलोक घर पर ही रहते थे।