पुलिस की पिटाई से घायल छात्र की सोमवार की सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई। कुशीनगर जिले की हाटा पुलिस ने बाइक चोरी के आरोप में छात्र और उसके एक साथी को चार दिन पहले पकड़ा था। आरोप है कि थाने में कोतवाल ने उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। हालत बिगड़ने पर 21 नवंबर की शाम उसे बाल संप्रेक्षण गृह में भेज दिया गया। रविवार की रात छात्र की हालत फिर बिगड़ गई। सोमवार की सुबह संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
कुशीनगर, हाटा के पगरा गांव निवासी अद्या सिंह का बेटा सिद्धांत सिंह (13) कस्बे में स्थित कान्वेंट स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। 16 नवंबर की शाम गांव का रहने वाला युवक सोनू और संगम शर्मा उसे लेकर हाटा बाजार आए थे। सोनू जिस बाइक से सिद्धांत और संगम को लेकर आया था वह नगर पंचायत के सभासद जयप्रकाश जायसवाल की थी। एक दिन पहले ही छठ घाट से चोरी हुई थी। बाइक देखते ही सभासद के घरवालों ने उसे पहचान लिया। घेराबंदी करने पर सोनू तो भाग निकला, लेकिन सिद्धांत और संगम की पिटाई कर पब्लिक ने पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों किशोर को हिरासत में लेकर हाटा कोतवाली पुलिस ने चार दिन तक पूछताछ की।
अद्या सिंह का आरोप है कि कोतवाल ने सिद्धांत को बाइक चोरी करने वाले गिरोह का सरगना बताकर बेरहमी से पीटा। चार दिन बाद 20 नवंबर को बाइक चोरी के आरोप में सिद्धांत और संगम का चालान कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। 21 नवंबर की शाम को हाटा पुलिस दोनों को लेकर घंटाघर में स्थित बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची। रविवार की रात सिद्धांत की हालत बिगड़ गई।
अधीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्रा के सूचना देने पर पहुंचे जिला अस्पताल के डॉक्टर ने इलाज किया। सोमवार की सुबह आठ बजे सिद्धांत की हालत दोबारा बिगड़ गई। कर्मचारियों के साथ अधीक्षक उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचेे जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से छात्र की मौत हुई है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
गोरखपुर के बाल संप्रेक्ष्ाण्ा गृह के अधीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्रा ने बताया कि 21 नवंबर की शाम हाटा कोतवाली थाने के सिपाही बाइक चोरी के आरोप में सिद्धांत और संगम शर्मा को लेकर आए थे। सिद्धांत के बाएं पैर में गंभीर चोट थी। उसके चुटहिल होने की जानकारी अधिकारियों को देने के साथ ही संप्रेक्षण गृह के रजिस्टर में भी दर्ज की गई है।
डीआईजी आरके चतुर्वेदी का कहना है कि चोरी के आरोप में पकड़े गए छात्र की मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच होगी। पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों के पैनल का गठन हुआ है। घटना का जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। परिवार के लोग अगर किसी के खिलाफ प्रार्थना पत्र देते हैं तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।