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यूक्रेनी महिला के कारोबारी अनुज पोद्दार से भी संबंध, एसटीएफ करेगी पूछताछ

Thu, 05 Apr 2018 01:57 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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थाने में डारिया से पूछताछ की जा रही है। - फोटो : Amar Ujala
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यूक्रेन की महिला डारिया मोलचन की गिरफ्तारी से इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) और एटीएस सहित कई एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। वाराणसी में तैनात आईबी के एडिशनल एसपी ने गोरखपुर पहुंचकर डारिया से देर तक पूछताछ की। एएसपी ने विदेशी महिला के बार-बार भारत आने की वजह जानने की कोशिश की है। घंटों की पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। गोरखपुर के बड़े कारोबारी अनुज पोद्दार से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी।
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गोरखपुर से काठमांडू जाने की फिराक में लगी यूक्रेन की डारिया को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में शहर के बड़े कारोबारी अनुज पोद्दार का नाम भी सामने आया है। एसटीएफ को डारिया ने जो बयान दिया है, उसके मुताबिक अनुज पोद्दार ने ही उसके गोरखपुर में रहने की व्यवस्था की है। अनुज ही डारिया को काठमांडू भेजने का इंतजाम कर रहे थे। एसटीएफ के मुताबिक अनुज और डारिया की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी, फिर दोनों नई दिल्ली के प्री वे क्लब में मिले थे। जल्द ही अनुज को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जांच से पता चला कि गोरखपुर एयरपोर्ट से नई दिल्ली की यात्रा डारिया ने मरिना अमन मेहता के नाम से की थी। इस मामले में अनुज से मोबाइल पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह ऑफ था।

रिमांड पर लेगी एसटीएफ
यूक्रेन की महिला को एसटीएफ रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। एसटीएफ को शक है कि मामला हनीट्रैप से संबंधित हो सकता है। महिला के मोबाइल में एक पुलिस अफसर की आपत्तिजनक तस्वीर भी मिली है। कुछ और एजेंसियां विदेशी महिला से पूछताछ कर सकती हैं। अभी कोर्ट ने डारिया को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। एसटीएफ जल्द ही रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी।
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भारत में थी बसने की तैयारी
20 साल की डारिया का दो साल से भारत आना-जाना है। माता-पिता मेें तलाक के बाद से वह अलग रह रही है। पिछले दो साल से भारत आना-जाना था। वीजा ब्लैक लिस्ट कर दिया गया, फिर भी कुछ कारोबारी उसे भारत की नागरिकता दिलाने में लगे थे। इसके लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तक बनवाया गया। डारिया का इरादा पहले नेपाल, फिर भारत की नागरिकता लेकर यहीं बसने का था। 

दूतावास को दी सूचना, पूछताछ होगी
डारिया की गिरफ्तारी की सूचना बुधवार को यूक्रेन दूतावास को दे दी गई है। अब दूतावास के अफसर छानबीन में जुट गए हैं। जल्द ही अफसर गोरखपुर आकर डारिया से पूछताछ करेंगे। वह गोरखपुर मंडलीय कारागार में बंद है। यूक्रेन ने भी डारिया के वीजा को ब्लैक लिस्ट किया था। वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी, जो अब खत्म हो चुका है।

एसटीएफ को मिला था नकली नोटों के कारोबार का इनपुट
यूक्रेन की महिला के नकली नोटों के कारोबार से जुड़े होने की सूचना गोरखपुर एसटीएफ को मिली थी। इसी आधार पर एसटीएफ ने जाल बिछाया था। छापा मारकर छानबीन की तो पता चला कि डारिया का टूरिस्ट वीजा खत्म हो चुका है। उसका पासपोर्ट भी ब्लैक लिस्टेड है। यह मामला संवेदनशील था, इस वजह से गिरफ्तारी की गई। हालांकि डारिया के नकली नोटों के कारोबार से जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं।

दिल्ली के पुलिस अफसर की आपत्तिजनक तस्वीर
बिना वीजा गोरखपुर आई यूक्रेन की डारिया मोलचन के एप्पल के दो मोबाइल फोन और एक टैब को सील करके बुधवार को न्यायालय भेज दिया गया। अब न्यायाधीश की अनुमति से मोबाइल हैंडसेट को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। जांच के बाद डारिया से नेता, पुलिस और नेताओं के संबंधों की पड़ताल की जाएगी। एसटीएफ ने जो फर्द बनाई है, उसके मुताबिक डारिया के मोबाइल हैंडसेट में नई दिल्ली के एक पुलिस अफसर की आपत्तिजनक तस्वीर मिली है। यह मामला संवेदनशील है। इस लिए मोबाइल और उसमें मिली तस्वीर की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराई जाएगी है। इससे बड़े राज खुलने के आसार हैं। 

दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा, इमशान से पूछताछ होगी
विदेशी महिला से संपर्क रखने वालों से भी एसटीएफ पूछताछ करेगी। इसके लिए एसटीएफ के अफसरों ने दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा है। एसटीएफ का कहना है कि यूक्रेन की महिला अरबन पिंक क्लब नई दिल्ली में इमशान और कासिफ से मिली थी। इमशान ने ही महिला का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया। टूरिस्ट वीजा खत्म हुआ तो इमशान ने ही डारिया को नेपाल का वीजा लेने और भारत आने की सलाह दी। यही नहीं, नेपाल पहुंचकर इमशान ही कार से गोरखपुर आया। डारिया को बिना वीजा भारत लाने में मुख्य भूमिका इमशान की है। उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। एसटीएफ अब्दुल, राहुल, पुपसिक और रोहित की भूमिका भी जांच रही है। जिस कर्मा एजेंसी में डारिया मॉडलिंग करती थी, उसके निदेशक हिमांशु भसीन और मैनेजर वीरू विष्ट से भी पूछताछ हो सकती है।

दिल्ली से बनवाया था फर्जी लाइसेंस
दिल्ली के एक बड़े अफसर की मदद से ही डारिया मोलचन ने वहीं से ही फर्जी लाइसेंस बनवाया था। इसी लाइसेंस को वह पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल कर रही थी और देश में  घूम रही थी। 

यह है मामला
एसटीएफ ने गोरखपुर के पार्क रोड स्थित पार्क रेजिडेंसी होटल से बिना वीजा के भारत आई यूक्रेन की महिला डारिया मोलचन को मंगलवार को गिरफ्तार किया। उसके पास से एसटीएफ को दो पासपोर्ट, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, अमेरिकन डॉलर आदि सामान मिला था। संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका पर एसटीएफ ने कार्रवाई की है।
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