आतंकी हमले से निपटने के लिए जिले में पुलिस का विशेष कमांडो दस्ता बनाया जाएगा। इसमें एक दरोगा समेत 11 पुलिस वालों को शामिल किया जाएगा। दस्ते में शामिल पुलिसकर्मियों को एटीएस के अलावा सैन्य संस्थान के प्रशिक्षकों से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इसके लिए आयु सीमा निर्धारित करने के साथ ही शारीरिक रूप से फिट पुलिसकर्मियों से ही आवेदन लिए जाएंगे। आईजी ने एसएसपी को जल्द से जल्द इस दस्ते का गठन करने का निर्देश दिया है।
44.36 लाख की आबादी (2011 की जनगणना के अनुसार) वाला गोरखपुर आतंकवादियों, नक्सलियों के निशाने पर हैं। ऐसे में त्वरित कार्रवाई के लिए जिले में पुलिस का विशेष कमांडो दस्ता तैयार किया जाएगा। इसमें तीन साल की सेवा पूरी कर चुके एक दरोगा, दो मुख्य आरक्षी और आठ सिपाही शामिल होंगे। मेडिकल जांच के बाद चुने गए पुलिसकर्मियों को पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय, एटीएस और सैन्य संस्थान से समन्वय स्थापित करने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
इस बाबत आईजी एचआर शर्मा ने एसएसपी अनंत देव को पत्र लिख कर जल्द से जल्द पुलिस का कमांडो दस्ता बनाने का निर्देश दिया है। उधर, एसएसपी ने एसपी (सिटी), एसपी (ग्रामीण), आरआई को कमांडो दस्ते में शामिल होने के इच्छुक पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने को कहा है।
पुलिसकर्मियों के चयन के लिए मानक
टीम में शामिल दरोगा की उम्र 32 साल, मुख्य आरक्षी की 30 और सिपाहियों की 25 साल निर्धारित की गई है। इन पुलिसकर्मियों की सेवा तीन साल होनी चाहिए। मेडिकल टेस्ट में पास होने के बाद इनकी शारीरिक दक्षता भी मापी जाएगी। इन्हें पांच किलोमीटर की दौड़ 28 मिनट में, 2.5 किमी की दौड़ 10 मिनट में और 60 मीटर की दौड़ 15 सेकेंड में पूरी करनी होगी। यही नहीं, रस्सी के सहारे छह मीटर की ऊंचाई तक चढ़ने और लंबी कूद के लिए निर्धारित मानक को भी पूरा करना होगा।
राष्ट्र विरोधी घटना होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए कमांडो टीम का गठन किया जा रहा है। एसएसपी को अर्हता पूरी करने वाले पुलिसकर्मियों का चयन कर ट्रेनिंग कराने का निर्देश दिया है।
- एचआर शर्मा, आईजी जोन