गरीबी, और बीमारी से परेशान मजदूर पेड़ से फंदा बांध लटकर जान दे दी। शनिवार की सुबह गांव के फंदे से लटकता शव देख सूचना परिवार के लोगों को दी। पिपराइच पुलिस के साथ पहुंचे लेखपाल, प्रधान ने परिवार के लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। तहसील प्रशासन गरीबी के कारण मजदूर के आत्महत्या करने की बात से इन्कार कर रहा है।
पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार रिठीया गांव के रहने वाले भोला (55) मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाते थे। परिवार में पत्नी सिरमती के अलावा चार बेटियां और एक बेटा है। तीन बेटियों की उन्होंने शादी कर दी थी। छह महीने से बीमार होने के कारण भोला मजदूरी करने नहीं जा पा रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण पूरा परिवार परेशान था। शुक्रवार की रात उनकी पत्नी सिरमती बेटी ज्योति (16), बेटा विकास (8) के साथ गांव में स्थित पुराने मकान में सोई थी। भोला आबादी में स्थित अपने दूसरे मकान पर सोने चले गए थे।
शनिवार की सुबह आठ बजे गांव के लोगों ने डूरेन नाला के पास पेड़ से लटकती भोला की लाश देखी। जानकारी के बाद परिवार के लोग भी पहुंचे। ग्राम प्रधान संजय पटेल ने बताया कि भोला के पास 15 डिस्मिल जमीन थी। बीमारी के कारण वह मजदूरी करने नहीं जा पा रहे थे। बेटी की शादी और अपने इलाज को लेकर वह परेशान रहते थे।
मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने गरीबी के चलते मजदूर के आत्महत्या करने की बात से इन्कार किया है। पुलिस ने भोला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।