रात्रि गश्त में सतर्कता ने मंगलवार की रात बड़ी घटना होने से बचा लिया। सीओ गोरखनाथ ने संदेह के आधार पर एक बाइक सवार युवक को पकड़ा तो पता चला कि वह युवती को घर छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठाकर भागने की कोशिश कर रहा था। युवती को घर वालों को सुपुर्द किया गया, वहीं युवक को कैंट थाने भेजा गया।
सीओ गोरखनाथ (आईपीएस) चारु निगम मंगलवार की रात दो बजे के करीब गश्त पर थीं। इस दौरान एक युवक को बाइक पर युवती के साथ देखा। संदेह के आधार पर युवक की बाइक को सीओ ने रोक लिया। बाइक रुकते ही युवती ने बताया कि वह सिवान, बिहार की रहने वाली है। उसको गोरखपुर में मौसी के घर जाना था। ट्रेन से रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसी बीच युवक ने उसी मुहल्ले का रहने वाला बताकर सहायता के नाम पर बाइक पर बैठा लिया।
युवती ने बताया कि कई बार उसने बाइक रोकने को कहा लेकिन वह दो घंटे से लेकर उसे घूमता रहा। बुधवार की सुबह युवती के घर वाले आए तो उन्होंने बताया कि हम लोग ट्रेन लेट होने की बात सोच रहे थे। सभी पुलिस के काम की सराहना कर रहे थे। सीओ गोरखनाथ चारु निगम ने बताया कि युवक को कैंट थाने भेजा गया है। युवती को घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया है।