पुलिस की गाड़ी घेर कर खड़े लोग।
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खोराबार इलाके के रामगढ़ गांव के एक घर में बंधक बनाई गई युवती को छुड़ाने गई पुलिस बल पर लोगों ने हमला कर दिया। गांव वालों से साथियों के घिरे होने की खबर पाते ही खोराबार की फोर्स पहुंच गई। इसके बाद युवती को छुड़ाया गया। पुलिस वालों की तहरीर पर सरकारी काम में बांधा डालने, गाली गलौज करने की धाराओं में आठ नामजद समेत 90 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
खोराबार प्रतिनिधि के मुताबिक रामगढ़ गांव निवासी एक युवती ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि उसे कमरे में बंद कर जिंदा जलाने की कोशिश की जा रही है। इस सूचना पर डायल 100 की गाड़ी से सुधाकर पांडेय, उपेंद्र सिंह आदि पुलिसकर्मी गांव पहुंच गए। उन्होंने जब युवती को छुड़ाने की कोशिश की तो घर वाले इसे घरेलू मामला बताकर पुलिस को लौटने को कहने लगे। जब पुलिस वालों ने सख्ती की तो आसपास के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने न सिर्फ पुलिस वालों के साथ दुर्व्यवहार किया बल्कि उनपर हमला भी कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस वालों ने खोराबार पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर खोराबार फोर्स के साथ गांव में पहुंच गए और युवती को रिहा कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
युवक ने पुलिस पर मारने का आरोप लगाया
रामगढ़ के अरविंद कुमार ने डायल 100 के पुलिस वालों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस वालों ने उनसे रास्ता पूछा और न बताने पर उसकी पिटाई कर दी। हालांकि पुलिस उसकी दलील को खारिज कर रही है। पुलिस का कहना है कि गांव वालों के साथ ही युवक ने भी पुलिस से बदसलूकी की है और अब पुलिस को ही फंसाने की कोशिश कर रहा है।