चिलुआताल थानेदार की लापरवाही से रेप और छेड़छाड़ की शिकार छात्रा का परिवार दहशतजदा है। अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पीड़ित का कोर्ट में बयान तो करा लिया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। एक महीने से ज्यादा वक्त बीतने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार खौफजदा है। सिस्टम से भरोसा उठने के साथ ही वह घर की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
चिलुआताल की 15 वर्षीय किशोरी एक दुकान पर काम करती है। नौ जुलाई की शाम को घर लौटते समय उसी इलाके के विक्रम ने घर छोड़ने का झांसा देकर उसे कार में बैठा लिया और फर्टिलाइजर में मंदिर के पास रेपकर वहीं छोड़ दिया। पीड़ित की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। दूसरी घटना क्षेत्र के मोहरीपुर का है। दो सितंबर की शाम कोचिंग से लौट रही छात्रा के साथ युवकों ने छेड़छाड़ की और विरोध करने पर पिटाई कर घर पर जाकर पथराव भी किया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों पर छेड़छाड़ और बलवा का केस दर्ज किया लेकिन यहां भी गिरफ्तार नहीं हुई।
आरोपी अब पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर सुलह करने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवार अनहोनी की आशंका से डरे हैं। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि विवेचक को फाइल के साथ तलब कर पूरे प्रकरण की समीक्षा करेंगे। लापरवाही मिलने पर दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।