रंजू के बेहोश होने के बाद उसे संभालते घरवाले।
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नवीन मंडी स्थल के बोर्ड की चपेट में आकर एक शख्स की जान चली गई। बुधवार को इंसाफ की मांग लेकर जब मृतक की बेटी घटना स्थल पहुंची तो लोगों को घटना के बारे में बताते हुए वह बेहोश हो गई। इसके बाद भी न तो मंडी समिति मदद के लिए आगे आई और न पुलिस। पुलिस ने इसे एक साधारण हादसा बताकर बिना पोस्टमार्टम कराए शव घरवालों को सौंप दिया। परिवार को मुआवजा मिल सके, इस पर भी समिति के पदाधिकारी, मंडी परिषद बिजली विभाग के अधिकारी जिम्मेदारी लेने से भाग रहे हैं।
बिछिया ताड़ीखाना निवासी रंजू अपने जीजा के भाई राम असीस तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ बुधवार को घटनास्थल पर पहुंची। उसने बताया कि उनके पिता राम बिहारी बिछिया ताड़ीखाना में सब्जी की दुकान करते थे। हर दिन की तरह सोमवार दोपहर जब वह मंडी से सब्जी लेकर रिक्शे से आ रहे थे तभी नवीन मंडी स्थल पर लगा बोर्ड उन पर आ गिरा। भारी भरकम बोर्ड सिर और छाती पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसी रात राम बिहारी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शव घरवालों को सौंप दिया। मंगलवार को शव का दाह संस्कार कर दिया गया। बेटी खस्ताहाल पोल और बोर्ड की वजह से पिता की मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। रिश्तेदारों की मांग है कि मामले में कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारों को जांच के दायरे में लाया जाए, ताकि भविष्य में इस कदर किसी की जान न जाए।
कमाने वाला कोई नहीं
रंजू का कहना था कि पिता पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। उनकी मौत के बाद अब घर वालों के सामने बहुत सारी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। परिवार में उनकी मां दुर्गावती देवी और उनका एक भाई है।
एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
नवीन मंडी समिति के सचिव सुभाष यादव का कहना है कि बोर्ड उनका जरूर है लेकिन उसके रखरखाव की जिम्मेदारी मंडी परिषद बिजली विभाग की है, जबकि मंडी परिषद बिजली विभाग के जेई अरविंद कुमार ने बताया कि उनका काम बोर्ड बनाकर समिति को हैंडओवर करना था। आगे का काम समिति का है।