तिवारीपुर थाने पहुचे डीएम, एसएसपी।
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मदरसा सेक्रेटरी के उकसाने पर तिवारीपुर थाने पर जुटी भीड़ हिंसक हुई थी। बवाल के बीच थाने में घिरी पुलिस लाचार नजर आ रही थी। थानेदार ने इस मामले में मदरसा सेक्रेटरी को नामजद करते हुए दोनों पक्ष के 200 अज्ञात लोगाें को आरोपी बनाया है। एसओ ने अपनी तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में साजिश के तहत शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। स्थिति का आकलन करने के बाद अधिकारियों ने तिवारीपुर क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है।
एसओ तिवारीपुर राजनाथ सिंह ने थाने के सामने हुए बवाल के मामले में मंगलवार की रात मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने मदरसा नुरुल इस्लाम के सेक्रेेटरी एम. रहमान पर समझौते का उल्लंघन करके माहौल बिगाड़ने के लिए मदरसे पर लाउडस्पीकर लगाने का आरोप लगाया है। अपनी तहरीर में एसओ ने लिखा है कि दूसरे पक्ष की शिकायत पर मंगलवार को दोनों पक्ष को थाने बुलाया गया था। मदरसा सेक्रेटरी एम रहमान 150-200 लोगों के साथ थाने पहुंचे। समझौते का उल्लंघन करने का कारण पूछने पर साथ में आई भीड़ आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगी। दूसरे पक्ष ने प्रतिकार किया तो विवाद शुरू हो गया।
मामला गरम होने पर एम. रहमान के नेतृत्व में भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया जिससे अफरा-तफरी मच गई। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पथराव कर दिया। एसओ ने बवाल शुरू होने पर भीड़ से घिरी फोर्स के थाने में असहज नजर आने की बात भी लिखी है। मदरसा के सेक्रेटरी पर एसओ ने सोची-समझी साजिश के तहत शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर एम. रहमान के अलावा 200 अज्ञात उपद्रवियों पर पुलिस ने बलवा, हत्या का प्रयास, धमकी देने एकता बिगाड़ने की कोशिश करने का केस दर्ज किया है।
पुलिस की चूक की शुरू हुई जांच
तिवारीपुर थाने के सामने मंगलवार को हुए बवाल में पुलिस की तरफ से हुई चूक की जांच शुरू हो गई है। आईजी ने एसएसपी राम लाल वर्मा को जांच करके पूरे मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। आईजी ने चार दिन पहले प्रार्थना पत्र मिलने के बाद भी मामले का निपटारा न होने और भीड़ के थाने पहुंचने का कारण पूछा है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि तिवारीपुर में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। ऐहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में फोर्स लगाई गई है।