चिलुआताल के अमवा में रविवार की रात गर्भवती पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद सब्जी विक्रेता ने जमुआर पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। दो माह से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस की मानें तो सब्जी विक्रेता अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी को लेकर दोनों में झगड़ा होता रहता था।
चिलुआताल प्रतिनिधि के अनुसार अमवा गांव के मुंशी टोला के रहने वाले चंद्रजीत मौर्य (26) की शादी गुलरिहा के मंजरहा निवासी शकुंतला (22) से तीन साल पहले हुई थी। तीन भाइयों में सबसे छोटा चंद्रजीत पत्नी के अलावा पिता लालजी, मां गेंदा देवी के साथ रहता था। पिता-पुत्र की फर्टिलाइजर में सब्जी की दुकान है। दो माह पहले चंद्रजीत अपनी पत्नी के साथ काम की तलाश में दिल्ली गया था।
17 दिसंबर को वहां से लौटने के बाद वह फिर से दुकान पर बैठने लगा। रविवार की रात साढ़े आठ बजे वह दुकान से घर लौटा। यहां उसका शकुंतला से विवाद हो गया। उसने पिटाई करने के बाद पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वह घर छोड़कर भाग गया। शोर सुनकर कमरे में पहुंची उसकी मां गेंदा देवी ने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी। साथ ही बहू को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी मिलने के बाद रविवार की सुबह शकुंतला के पिता कोदई ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। उधर, सुबह नौ बजे गांव से दो किलोमीटर दूर छामुथान पुल के नीचे नदी में चंद्रजीत की लाश मिली। उसके सिर पर चोट के निशान थे। गर्भवती पत्नी की हत्या के बाद उसके नदी में कूदकर जान देने की आशंका जताई जा रही है। एसओ चिलुआताल रामपाल यादव ने बताया कि चंद्रजीत पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। दो माह से दोनों के बीच इसी को लेकर विवाद चल रहा था। पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।
शकुंतला के शरीर पर थे चोट के गंभीर निशान
शकुंतला के गले, सीने, पैर के साथ ही नाजुक अंगों पर चोट के निशान मिले हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि दो माह से दोनों के बीच मारपीट हो रही थी। विवाद होने पर ही परिवार के लोगों ने उन्हें दिल्ली भेज दिया था क्योंकि चंद्रजीत के दो बड़े भाई परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं।