सहजनवां के कसरवल कांड में पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी बनाए गए राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने सोमवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। उनको जेल भेज दिया गया। घटना के बाद से फरार डॉ. संजय अपने साथ पुलिस की गोली से घायल हुए सुजीत को लेकर कोर्ट पहुंचे थे। उनका दावा है कि घटना का सुजीत चश्मदीद गवाह है।
सात जून 2015 को निषाद बिरादरी को अनुसूचित जाति में शामिल करने और नौकरी में आरक्षण की मांग को लेकर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के बैनर तले निषाद समुदाय के लोगों ने कसरवल में रेलवे लाइन पर जाम लगा दिया था। ट्रैक से आंदोलनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तो आंदोलनकारी उग्र हो गए। भीड़ ने पथराव किया तो पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई।
फायरिंग में इटावा के बकेवर क्षेत्र के मड़िया दिलीपनगर निवासी अखिलेश कुमार निषाद (20) की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में डॉ. संजय निषाद सहित 37 नामजद और दो हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 13 लोगों को छोड़कर सभी की जमानत हो चुकी है।