गोरखपुर। खोराबार के बहरामपुर में फोरलेन किनारे हत्या कर फेंकी गई युवती के शव की शनिवार को पहचान हो गई। बेलीपार के रहने वाले दंपति ने थाने में रखे कपड़े और फोटो देखकर शव लापता बेटी के होने की पुष्टि की और शहर के एक व्यापारी के मुनीम पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाकर वारदात में शामिल होने का संदेह जताया है। युवती एक पूर्व सांसद की रिश्तेदार बताई जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार शव की शिनाख्त के लिए भौवापार गांव के रहने वाले चंद्रेश तिवारी और उनकी पत्नी प्रियंवदा खोराबार थाने पहुंचे। उन्होंने खुद को एक पूर्व संासद का रिश्तेदार का बताते हुए कहा कि दो बच्चों में सबसे बड़ी बेटी प्रीति उर्फ रिशू 13 दिसंबर को घर से सामान लेने निकली थी। घर न लौटने पर काफी खोजबीन के बाद परिवार के लोगों ने बेलीपार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 31 दिसंबर को खोराबार में फोरलेन बाईपास पर युवती के लाश मिलने की जानकारी उन्हें अखबार के जरिए हुई। लेकिन परिवार के लोग छानबीन करने नहीं गए। तीन दिन पहले बेटी के बारे में जानकारी करने चंद्रेश बेलीपार थाने पहुंचे तो एसओ ने उन्हें खोराबार जाने को कहा।
शनिवार सुबह पत्नी प्रियवंदा के साथ खोराबार थाने पहुंचे चंद्रेश ने बेटी के लापता होने की जानकारी देने के साथ ही शव की पहचान के लिए फोटो मांगा। प्रियंवदा ने थाने में रखे युवती के स्वेटर, लॉकेट, पैर में बांधे गए धागा और झुमका बेटी प्रीति का बताया। फोटो देखने के बाद कद-काठी और कान में हुए दो छेद से परिवार के लोगों ने शव पहचानने की पुष्टि की। चंद्रेश ने बताया कि गांव का रहने वाला युवक शहर के एक व्यापारी के यहां मुनीम का काम करता है। कुछ दिन पहले उसने बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी।
शिकायत पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। चंद्रेश ने उसी पर साथियों संग वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया। पुलिस चंद्रेश की तरफ से जताए गए संदेह की जांच पड़ताल कर रही है। डीएनए जांच के बाद ही शव की सही पहचान होने की बात कही जा रही है।
मां ने बताया यहीं स्वेटर पहनकर निकली थी प्रीती
चंद्रेश की पत्नी प्रियवंदा थाने में रखे स्वेटर देखकर फफक कर रो पड़ी। उन्होंने बताया कि यही स्वेटर पहनकर प्रीति 13 दिसंबर की शाम घर से सामान लेने निकली थी। शूट और जूती उसने नया खरीदा था। उन्होंने बताया कि दो बच्चों में प्रीति सबसे बड़ी थी। ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर रहती थी। छोटा बेटा नीरज एक प्राइवेट बैंक में काम करता है।
यह था मामला
31 दिसंबर की सुबह बहरामपुर गांव में फोरलेन किनारे युवती की लाश मिली। सिर और चेहरे में पांच गोली मारकर पहचान छुपाने के लिए रॉड से हमला किया गया था। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मामले की छानबीन कर रही थी। घटना का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम भी लगाई गई थी।