आजमगढ़ के ब्लॉक प्रमुख और एक ठेकेदार की हत्या की साजिश रच रहे अमरजीत गैंग के बदमाशों को गोरखपुर एसटीएफ ने दबोचा है। बनारस रेलवे स्टेशन पर स्थानीय पुलिस की मदद से ये सुपारी किलर पकड़े गए हैं। इनमें संजय मिश्रा और राहुल यादव कुख्यात अपराधी है। दोनों कई सनसनीखेज हत्याओं में शामिल रहे हैं। बदमाशों के पास से पिस्टल, रिवाल्वर, तमंचा और कारतूस मिले हैं।
एडिशनल एसपी एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार की रात एसटीएफ को सूचना मिली की बनारस रेलवे स्टेशन पर कुछ बदमाश किसी की हत्या की साजिश रच रहे हैं। उपनिरीक्षक भानूप्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम इन बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पहले से लगाई गई थी। सूचना पर अलर्ट हुई एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से बनारस रेलवे स्टेशन से पांच बदमाशों को पकड़ लिया। पूछताछ में मालूम हुआ कि ये सुपारी किलर हैं। इनके निशाने पर आजमगढ़ के ब्लॉक प्रमुख और एक ठेकेदार थे। बदमाश राहुल को एक माह पूर्व अतरौलिया आजमगढ़ में हुए एक झगड़े के दौरान अपनी ही पिस्टल से गोली भी लगी थी।
बदमाशों को थाना सारनाथ वाराणसी ले जाकर उनसे गहन पूछताछ की जा रही थी। पकड़े गए बदमाशों की पहचान आजमगढ़ जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के मुबारकपुर निवासी संजय मिश्रा, आजमगढ़ के अहिरौली थाना क्षेत्र के पकड़ी निवासी राहुल यादव, जौनपुर चंदवक थाना क्षेत्र के निबरामनपुर निवासी कृपाशंकर मिश्र, आजमगढ़ कोतवाली के एलवल थाना क्षेत्र निवासी शक्ति सिंह और एलवल निवासी अभिषेक उपाध्याय के रूप में हुई है। बदमाशों के पास से एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, तीन तमंचा, एक कार और 18 कारतूस मिले हैं।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे अपने दोस्त आजमगढ़, सिधारी के बुरैठा निवासी रवींद्र यादव से मिलने आए थे। रवींद्र के कहने पर उनकी योजना आजमगढ़ के भीलमपुर छपरा के गोपाल सिंह की हत्या करने की थी। रवींद्र का गोपाल से जमीन का विवाद था। गोपाल के अलावा आजमगढ़ के अतरौलिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव की हत्या की सुपारी उन्हें मिली थी। वे आजमगढ़ के अहरौला थानाध्यक्ष अनिल प्रकाश सिंह की भी हत्या की फिराक में थे। सीओ कैंट ने बताया कि पांचों बदमाश पैसे लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देते थे। इस गैंग के हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के एक दर्जन मामले प्रकाश में आए हैं।
हाईकोर्ट से जमानत पर था सरगना
गिरफ्त में आए पांचों की गैंग का सरगना संजय कुमार मिश्रा है। अंबेडकरनगर से उसे हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह हाईकोर्ट से जमानत पर था। संजय पहले कुख्यात अमरजीत गैंग से जुड़ा था। गैंग के ही राहुल यादव को एक महीने पहले आपसी झगड़े के दौरान आजमगढ़ के अतरौलिया में पिस्टल से गोली लगी थी। पुलिस ने अब इस गैंग को संरक्षण देने वालों को दबोचने की तैयारी की है। साथ ही, रवींद्र यादव और अतरौलिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख की सुपारी देने वालों की धरपकड़ के प्रयास में पुलिस जुटी है।