गोरखपुर। चार महीने पहले गायब हुए बड़हलगंज, ओझौली के इंजीनियर का अपहरण करने के बाद उसके प्रेमिका के घरवालों ने हत्या कर दी थी और शव को बाघागाड़ा पुल से राप्ती नदी में फेंक दिया था। रविवार को पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ में इस घटना का खुलासा हुआ। क्राइम ब्रांच की टीम छह लोगों पर अपहरण का केस दर्ज कर चार माह से इंजीनियर की तलाश कर रही थी।
पुलिस लाइंस में सोमवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी लव कुमार ने बताया कि बड़हलगंज, ओझौली के रहने वाले श्रीनारायण ओझा एफसीआई में बाबू हैं। उनकी पोस्टिंग दिल्ली में है। तीन लड़कों में दूसरे नंबर का बेटा राहुल ओझा (24) बैंकॉक की टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर था। गांव की एक युवती और राहुल में प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
जुलाई 2015 में राहुल बैंकॉक से घर आया और प्रेमिका से शादी की इच्छा जताने पर उसके पिता ने युवती के घरवालों से बात की, लेकिन युवती के पिता मंकेश्वरनाथ ओझा गांव में शादी करने पर राजी नहीं हुए। इसके बाद दोनों ने घर छोड़ दिया। काफी खोजबीन के बाद युवती के घरवालों ने दोनों को हरिद्वार में पकड़ लिया। इस मामले में युवती के घरवालों ने कोई केस दर्ज नहीं कराया। आठ अगस्त 2015 को राहुल पासपोर्ट लेने गांव आया था।
जहां मंकेश्वरनाथ ओझा ने बेटे और भतीजों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर हत्या कर दी। 15 दिन की तलाश के बाद राहुल का कुछ पता न चलने पर श्रीनारायण ने मंकेश्वरनाथ ओझा, उनके बेटे दीपक, बहू ममता, भतीजे धीरज, राजन और सोनू पर अपहरण का केस दर्ज कराया।
मामले की छानबीन क्राइम ब्रांच कर रही थी। एक आरोपी धीरज को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भी भेज दिया था। पुलिस के दबाव बनाने पर मंकेश्वरनाथ ने बेटे दीपक के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। रविवार की रात दो आरोपी राजन और सोनू को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया।
पूछताछ में इन लोगों ने आठ अगस्त को अपहरण के बाद हत्या कर राहुल का शव बाघागाड़ा पुल से राप्ती नदी में फेंकने की बात स्वीकार की। दोनों की निशानदेही पर घटनास्थल से राहुल का पासपोर्ट और कपड़ा बरामद हुआ है।
2008 से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
गांव की रहने वाली युवती से राहुल का प्रेम-प्रसंग 2008 से ही चल रहा था। इंटर कॉलेज में दोनों एक साथ पढ़ते थे। जुलाई 2015 में प्रेमिका के साथ घर छोड़ने के बाद वह दिल्ली के रोहिणी खंड स्थित अपने आवास पर गया था। पिता से बातचीत करने के बाद प्रेमिका को लेकर हरिद्वार चला आया। मामले की विवेचना कर रहे दरोगा संतोष सिंह ने राहुल की प्रेमिका से भी बातचीत की, जिसमें इस बात की पुष्टि हुई।