गोरखपुर। तिवारीपुर में ननिहाल के बाहर से खेलते समय अगवा की गई मोहम्मद इरफान की आठ साल की बेटी महक को ले भागने के आरोप में गिरफ्तार शख्स की झोलाछाप डॉक्टर को बेचने की योजना के बयान की तस्दीक नहीं हुई है। पूछताछ और जांच के बाद पुलिस को स्पष्ट हुआ है कि अपहर्ता ने चौरीचौरा क्षेत्र के झोलाछाप चिकित्सक को फंसाने के लिए अगवा कर बच्ची बेचने की कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने अपहरण के आरोपी को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि झोलाछाप होते हुए इलाज करने के आरोप में कथित डॉक्टर की जांच व कार्रवाई का जिम्मा सीएमओ पर आ गया है।
शनिवार को दोपहर बाद महक को तिवारीपुर शहीदाबाद स्थित नानी के घर के बाहर से उस वक्त अगवा किया गया था, जबकि घर वाले उसकी नानी की अंत्येष्टि के लिए गए हुए थे। घर वाले और पुलिस वाले उसे तलाश पाते कि उससे पहले रविवार को झंगहा इलाके के एकौनी गांव में कुछ लोगों ने शक के आधार पर एक शख्स के साथ रोती हुई बच्ची को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पकड़ में आए शख्स ने खुद को चौरीचौरा इलाके के भरतपुर, फुटहवा इनार निवासी महेंद्र उर्फ हरेंद्र बताया। यह भी बयान दिया कि चौरीचौरा के ही झोलाछाप डॉक्टर छोटेलाल को पांच हजार रुपये में बच्ची बेचनी थी। यही नहीं तीन और बच्चों को भी इसी तरह छोटेलाल को पूर्व में बेचने की बात कही तो ह्यूमन ट्रैफिकिंग के संकेत देख पुलिस ने कुछ घंटे बाद भी छोटेलाल को हिरासत में ले लिया। पूरी रात छोटेलाल से पूछताछ के बाद जब पुलिस को बयानों में बड़ा अंतर लगा तो अफसरों को जानकारी दी। गंभीर मुद्दा देख सोमवार सुबह एसएसपी रामलाल वर्मा ने भी दोनों से खुद पूछताछ की।
पूछताछ और सुरागरशी के बाद पुलिस को स्पष्ट हुआ कि बच्ची को अगवा करने में पकड़ा गया महेंद्र रिक्शा चलाता था। कथित डॉक्टर छोटेलाल ने मोबाइल फोन चुराने में उसे गिरफ्तार कराया था। छूटने के बाद बदला लेने की नीयत से उसने छोटेलाल को बच्चों के सौदागर के तौर पर पेश कर दिया। तिवारीपुर थाने के इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि बच्ची को अगवा करने के पीछे महेंद्र की खुद की नीयत गलत थी। गलत नीयत से अपहरण के आरोप का केस दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेजा जाएगा। इस बीच बिना डिग्री चिकित्सा करने के आरोप में छोटेलाल की जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए सीएमओ को जानकारी दी जा रही है।
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