‘सर, पत्नी फोन नहीं उठा रही, प्लीज मेरी मदद करें’। सवाल अटपटा था, जवाब सूझ नहीं रहा था। मंगलवार सुबह 11 ग्यारह बजे डायल-100 पर आए इस शिकायत ने पुलिस वालों को बेचैन कर दिया। खैर पुलिस वहां पहुंची और शिकायत दर्ज की।
डायल-100 सेवा शुरू होने के बाद रोजाना ही पुलिस वालों के पास ऐसी कई शिकायतों से दो-चार होना पड़ रहा है। इन शिकायतों से पुलिस वालों के भी सिर चकरा जाते हैं। उन्हें भी समझ में नहीं आता कि आखिर ऐसे सवालों का जवाब क्या दें और कार्रवाई क्या करें। डायल 100 की शुरुआत होने के साथ ही तमाम ऐसे अटपटे कॉल से पुलिस परेशान है। अब चूंकि हर कॉल की जवाबदेही है, इस वजह से मौके पर जाना भी होता है, पर जब कार्रवाई की बात आती है, तो वादी ही भाग खड़ा होता है। पत्नी की शिकायत करने वाले पति के पास पहुंची पुलिस को पता चला कि सोमवार को पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
कैंट इलाके की रहने वाली एक महिला ने पति पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए डायल 100 पर सूचना दी। 10 मिनट के भीतर ही पुलिस मौके पर भी पहुंची और दोनों को कैंट थाने लेकर आई। पर जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की बात कही तो दोनों ही समझौते की बात करने लगे। पुलिस को भी लगा कि पत्नी-पति का मामला है, सुलह समझौता हो जाए तो ठीक ही है। पर सुबह होते ही पति ने जो शिकायत की। उसने पुलिस को बेचैन कर दिया। पुलिस अब पत्नी से संपर्क कर समझौता कराने की कोशिश कर रही है। कंट्रोल रूम की माने तो रोजाना ऐसी शिकायतों की संख्या 10 फीसदी तक होती ही है।
तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में जुटे अफसर
डायल-100 योजना में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने की पुलिस अफसर पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को आईजी मोहित अग्रवाल ने जांच कर गाड़ियों के समय को परखा। उनकी जांच के दौरान सभी गाड़ियां तय स्थान और तय समय पर घटनास्थल पर पहुंची थीं। शाम को मोबाइल नेटवर्क और प्रॉपर प्रैक्टिस की वजह से आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए एसएसपी ने मोबाइल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद सिटी कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
मंगलवार को आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने शहर में चल रहे पीवीआर का निरीक्षण किया। पीवीआर में तैनात पुलिस कर्मचारियों से जानकारी ली। आईजी ने कहा कि ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मचारियों ने क्लास रूम में ट्रेनिंग ली है। सभी पुलिस कर्मचारियों को उपकरण के साथ टेक्निकल स्टाफ के साथ टीम बनाकर मौके पर प्रशिक्षण कराया जाए। आईजी ने कहा कि पीवीआर में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी बनाई जाए।
41 मामलों में समय से पहुंचने का दावा
मंगलवार को गोरखपुर जिले से 41 मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने पर पुलिस 15 मिनट में मौके पर पहुंची। बांसगांव में छात्र के सुसाइड करने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसकी जान बचा ली। कैंट इलाके में तेज आवाज में डीजे बजा रहे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की। पर्स छिनैती की घटना में पुलिस पांच मिनट के भीतर पहुंच गई थी, जबकि स्थानीय लोगों ने इस घटना में पुलिस को 1 घंटे 8 मिनट देरी से पहुंचना बताया है।