शिक्षकों के मानक को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी का तेवर एक बार फिर तल्ख हो गया है। 60 फीसदी कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या पूरा न होेने से सीट निर्धारण में आ रही दिक्कत को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन कॉलेजों को मानक पूरा करने का अल्टीमेटम जारी करने जा रहा है। यदि 20 मई तक कॉलेजों ने मानक पूरा नहीं किया तो बीएड की सीटें निरस्त कर दी जाएंगी।
बीएड परीक्षा प्रवेश परीक्षा 22 अप्रैल को हुई। परीक्षा का आयोजन कर रही लखनऊ यूनिवर्सिटी रिजल्ट निकालने की तैयारी में जुट गई है लेकिन गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में बीएड सीटों की स्थिति अभी तक साफ नहीं हो सकी। इसकी वजह कॉलेजों में शिक्षकों का मानक पूरा नहीं होना है। यह बात तब सामने आई जब सीट तय करने के लिए यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों से शिक्षकों का ब्यौरा मांगा।
जो रिपोर्ट मिली उसके मुताबिक 60 फीसदी कॉलेजों में शिक्षकों का मानक पूरा नहीं है। इस स्थिति में सीटों की सूची बनाने से पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन कॉलेजों की सूची बनाने का फैसला किया, जिनमें मानक पूरा नहीं है। ऐसे सभी कॉलेजों को एक अवसर देते हुए यूनिवर्सिटी उन्हें अल्टीमेटम भरा पत्र लिखने जा रही है। जिसमें उन्हें हर हाल में 20 मई तक मानक पूरा कर लेने को कहा जाएगा। जो कॉलेज इस तय तिथि तक शिक्षकों को लेकर अपनी स्थिति साफ नहीं करेंगे, या मानक के पूरा करने का प्रपत्र नहीं दे देंगे, वे बीएड में प्रवेश भी नहीं ले सकेंगे।
कोट:
सीट के मुकाबले अधूरे शिक्षक के साथ ब्यौरा प्रस्तुत करने वाले कॉलेजों को 20 मई तक एक अवसर और देने का निर्णय लिया गया है। कॉलेजों की सूची तैयार हो रही है और जल्द इस बाबत उन्हें पत्र भेज दिया जाएगा। 20 मई के बाद इस तरह के किसी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- प्रभाष द्विवेदी, रजिस्ट्रार, गोरखपुर यूनिवर्सिटी