गोरखपुर। रेलवे में टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले युवक की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को दबिश दी है। परिवार के लोगों से पूछताछ में जालसाज के रेलवे कर्मचारी होने की जानकारी मिलने के बाद सीओ क्राइम ने एसओ कैंट के साथ रेलवे के कार्मिक ऑफिस जाकर जानकारी ली।
हिरासत में लिए गए जालसाज के साथी पशु चिकित्सक के पास पुलिस को रजिस्टर मिला है जिसमें 19 युवकों के फोटो लगे हैं। जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सीओ क्राइम अभय मिश्रा ने एसओ कैंट के साथ शनिवार दोपहर राजघाट के बसंतपुर में रहने वाले जालसाज शिशिर कुमार के घर दबिश दी। घर पर मिली उसकी पत्नी और मां ने बताया कि शिशिर पूर्वोत्तर रेलवे में खलासी के पद पर कार्यरत है। हकीकत जानने एसओ कैंट सीपीओ आफिस पहुंचे लेकिन कुछ पता नहीं चला।
सोमवार को पुलिस जानकारी लेने फिर से सीपीओ ऑफिस जाएगी। बृहस्पतिवार को रेलवे ऑफिसर्स क्लब के सामने पकड़े गए जालसाज के पशु चिकित्सक साथी के पास पुलिस को एक रजिस्टर मिला है जिसमें 19 लड़कों का नाम और फोटो लगे हैं। आशंका जताई जा रही है कि टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर इन लोगों के साथ भी ठगी हुई है। कैंट पुलिस इस मामले में पशु चिकित्सक के भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ चंडीगढ़, पंचकुला के वीरपाला का रहने वाला पीड़ित युवक आर मुगम भी मौजूद रहा। पूरे रैकेट के बारे में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज करेगी। एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल ने बताया कि टीसी के पद पर फर्जी नियुक्ति पत्र देने के साथ ही पीड़ित के खाते में सेलरी भेजने वाले जालसाज की तलाश चल रही है। रैकेट से जुड़े लोगों के बारे में छानबीन चल रही है।