टैक्स निर्धारण सूची की नकल देने के लिए 1500 रुपये घूस लेते हुए नगर निगम के एक कर्मचारी को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद वह दबोचा गया।
एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि दो दिन पहले लच्छीपुर एरिया के रहने वाले दुर्गेश्वर सिंह ने नगर निगम के बाबू पीयूष रस्तोगी के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने लिखा था कि उन्हें हैसियत प्रमाण पत्र बनवाना था, जिसमें मकान के कर निर्धारण शुल्क की नकल लगती है, उसी के लिए एक माह पहले नगर निगम में अप्लीकेशन दिया था लेकिन बाबू घूस मांग रहे थे। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को डीएम से मिलकर कार्रवाई की स्वीकृत ली।
दोपहर 12:30 बजे शिकायत करने वाले दुर्गेश्वर सिंह को केमिकल लगा 500-500 रुपये के तीन नोट दिए। वे बाबू से मिले और उसे नोट दिया तो टीम ने बाबू को गिरफ्तार कर लिया। नोट पर लगे केमिकल बाबू के हाथ में मिला, जिसे टीम ने सुरक्षित कर लिया। टीम में सभाजीत त्रिपाठी के अलावा शैलेंद्र राय, चंद्रभान मिश्रा, शेषनाथ सिंह शामिल थे।
साजिश के तहत फंसाया
उन्होंने नामांकन के लिए आवेदन दिया था। उसके बाद हम लोगों ने कागज की जांच करके रसीद तैयार कर ली थी। वह मेरे ही मोहल्ले में रहते हैं साजिश के तहत मुझे फं सा रहे हैं।
- पीयूष रस्तोगी, लिपिक, नगर निगम
घूस मांगी तो की शिकायत
हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कर निर्धारण सूची का नकल की जरूरत थी। इसके लिए अप्लीकेशन दिया था। बाबू घूस मांगने लगे तभी हमने शिकायत की। मैं तो उनको जानता ही नहीं हूं कि वह मेरे ही मोहल्ले के रहने वाले हैं।
- दुर्गेश्वर सिंह, शिकायतकर्ता