फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीआईजी से एसओ का व्यवहार बता रो पड़े नेत्रहीन दंपति

Sat, 06 Feb 2016 01:33 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
छह दिन से लापता बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराने पहुंचे नेत्रहीन दंपति को सेवरही एसओ ने बिना रिपोर्ट लिखे ही थाने से लौटा दिया। एसपी से मिलना चाहा तो उन्हें मिलने ही नहीं दिया गया। एक साल के बेटे और छह साल की बेटी को साथ लेकर दो दिन का सफर तय कर शुक्रवार को गोरखपुर पहुंचे पीड़ित दंपति ने डीआईजी को अपनी पीड़ा बताई तो उनकी आंखें छलक पड़ीं। इस पर डीआईजी ने सेवरही के थानेदार को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


कुशीनगर, सेवरही के करनपट्टी निवासी जयप्रकाश और उनकी पत्नी चंद्रावती दोंनों नेत्रहीन हैं। दोनों के तीन बच्चे हैं। भजन गाने वाले दंपति दूसरे से मिलने वाली मदद से अपनी जीविका चलाते हैं। 20 वर्षीय बेटी रिंकू की शादी उन्होंने विशुनपुरा क्षेत्र के सिकटिहा में की है। वह चार माह के बेटे को लेकर मायके में रहकर मां-बाप की देखभाल करती थी। जयप्रकाश का आरोप है कि गांव में आने वाले सीवान के युवक ने 30 जनवरी की शाम साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी का अपहरण कर लिया। खोजबीन के बाद कुछ पता न चलने पर वह सेवरही थाने पहुंचे। शिकायत सुनने के बाद एसओ ने बिना कार्रवाई के ही लौटा दिया।

छह साल की बेटी संतोषी के सहारे दोनों पड़रौना पहुंचे लेकिन एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी। दो दिन का सफर तय करने के बाद वह शुक्रवार की सुबह पत्नी, बेटी और एक साल के बेटे अभिनंदन को लेकर गोरखपुर पहुंचे। राहगीरों की मदद से डीआईजी ऑफिस पहुंचकर उन्होंने अपनी पीड़ा बताई तो बिलख पड़े। डीआईजी शिवसागर सिंह ने एसओ सेवरही को मुकदमा दर्ज कर रिंकू को बरामद करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें