पत्नी के प्रधानी का चुनाव हारने के बाद समर्थक की हत्या करने वाले बभन्नर को मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी मिली थी। पीपीगंज पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी के साथ ही उसकी मां को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। वारदात में शामिल उसकी पत्नी, बेटे, बेटी और साले की तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम दबिश दे रही है।
शुक्रवार की दोपहर पुलिस लाइंस में एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नयनसर के रहने वाले ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बभन्नर को पिता केदार की मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी मिली थी। उसके खिलाफ 26 मुकदमे दर्ज होने के साथ ही गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है। चुनाव हारने के बाद 13 दिसंबर की शाम अपने समर्थक पुनीत तिवारी को हार का जिम्मेदार बताते हुए गोली मारकर हत्या करने के बाद बोरे में भरकर शव संतकबीरनगर के मेंहदावल में फेंक दिया था।
बभन्नर ने बेटे के साथ शव को मां, पत्नी, बेटी और साले के सहयोग से बोरे में भरा था। शुक्रवार की सुबह सात बजे एसओ पीपीगंज उपेंद्र श्रीवास्तव ने क्षेत्र के करतहरी गांव के पास बभन्नर और उसकी मां कैलाशी देवी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से जीप (टाटा सफारी) के अलावा एम नाइन एमएम की पिस्टल, एक 315 बोर का तमंचा दो कारतूस मिला। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है।