ग्राम प्रधान के चुनाव में उधार दिए गए रुपये वापस मांगने से नाराज बदमाशों ने राममिलन (32) की गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले बदमाशों ने उनके घर में घुसकर मां से मारपीट करने के साथ ही चकरा अव्वल स्थित ससुराल में भी लूटपाट की। पुलिस कच्ची शराब के कारोबार में पुरानी दुश्मनी को केंद्र में रखकर जांच कर रही है।
राजघाट क्षेत्र के चकरा अव्वल निवासी स्वर्गीय राम प्यारे के पुत्र श्रीचंद निषाद ने बताया कि खोराबार क्षेत्र के कठऊर गांव से बेचन निषाद ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था। बेचन ने मुझसे दस हजार रुपये उधार लिए थे। रुपये मांगने पर कई दिनों से वह आनाकानी कर रहा था। सोमवार की शाम उसने रुपये देने के लिए उन्हें लालडिग्गी पर बुलाया। आरोप है कि श्रीचंद जब वहां पहुंचा तो बेचन अपने बेटों और साथियों के साथ मौजूद था। आरोपियों ने श्रीचंद पर हमला कर दिया। जैसे-तैसे श्रीचंद वहां से भाग निकले। इसके बाद वे लोग उन्हें ढूंढते हुए घर पहुंच गए। वहां श्रीचंद की मां के साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी चकरा अव्वल में ही स्थित उनकी ससुराल पहुंच गए। आरोप है कि हमलावरों ने यहां से रुपये और गहने लूट लिए। पड़ोसी पुष्पा के मुताबिक आरोपियों ने उनका मंगलसूत्र और आठ हजार रुपये लूट लिए।
ससुराल में उत्पात मचाकर लौटते समय बदमाशों ने सब्जी लेकर लौट रहे श्रीचंद के 32 वर्षीय भाई राममिलन को देखते ही उनपर हमला बोल दिया। पिस्टल की बट से राम मिलन के सिर पर प्रहार करने के बाद उनपर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। एक गोली सिर में, एक पेट और एक कमर के नीचे लगने से राम मिलन गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
एसओ राजघाट बीके सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में कच्ची शराब के कारोबार को लेकर रंजिश चल रही थी। हत्यारोपियों के बारे में मौखिक जानकारी मिली है। उनकी तलाश की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।