एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने रेलवे स्टेशन पर एक युवक को दो नाबालिग लड़कियों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि वह बिहार से लड़कियों को लाकर आर्केस्ट्रा में काम कराता था। लड़कियां नाबालिग थीं, इस वजह से उन्हें चाइल्ड लाइन में रखा गया है। वहीं आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम बुधवार को रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत पहुंची थी। करीब दो बजे टीम ने दो नाबालिग लड़कियों को एक युवक के साथ देखा। पूछताछ में युवक ने दोनों को अपना रिश्तेदार बताया, जबकि लड़कियों ने बताया वे दोनों बिहार के बेगूसराय व पटना जिले की रहने वाली हैं। युवक उनका रिश्तेदार नहीं है।
मामला संदिग्ध होने पर तीनों को एएचटीयू के कार्यालय लाकर पूछताछ की गई तो मानव तस्करी का मामला सामने आया। इंस्पेक्टर रामसुमेर त्रिपाठी ने बताया कि युवक की पहचान समस्तीपुर, बिहार के विभूतिपुर निवासी भोला उर्फ रवि कुमार साहनी के रूप में हुई है। वह यहां सहजनवां के बोक्टा में किराए का कमरा लेकर रहता है और बिहार से लड़कियों को लाकर आर्केस्ट्रा में काम करवाता है। दोनों नाबालिग लड़कियों को वह इसीलिए लाया था और उन्हें देवरिया ले जा रहा था। एएचटीयू ने लड़कियों को मुक्त कराकर चाइल्ड लाइन भेज दिया है, जबकि भोला के खिलाफ कैंट थाने में मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गरीब लड़कियों पर रखता था नजर
भोला ने बताया कि वह सहजनवां के बोक्टा की एक फैक्ट्री में काम करने वाले अपने भाई के साथ किराए के मकान में रहता है। कई आर्केस्ट्रा वालों के कहने पर वह बिहार से लड़कियों को यहां लाता था। उसने बताया कि इसके लिए वे उसे रुपये भी देते थे। लड़कियों को उनके सुपुर्द करने पर अलग से रकम मिलती थी। गरीबी के कारण नाबालिग लड़कियां भी आने को तैयार हो जाती थीं।