बरेली की सरोजनी (बदला नाम) इंसाफ के लिए अफसरों के चक्कर काटकर परेशान हुई तो सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाने की सोची। लखनऊ पहुंची तो पता चला कि सीएम गोरखपुर में हैं तब यहां आ गई। गोरखनाथ मंदिर पहुंची तो पता चला कि सीएम लखनऊ हैं। ऐसे में उसका धैर्य जवाब दे गया और वह फफक उठी। शादी का झांसा देकर सालों तक शोषण करने वाले बरेली के युवक अमोल और उसके परिवार को उनके किए की सजा दिलाने के लिए सरोजनी दर-दर भटक रही है।
सरोजनी ने कहा कि अगर पिता जिंदा होते तो अमोल और उसके परिवार को सबक सिखाने के लिए उसे बरेली से गोरखपुर नहीं आना पड़ता। बताया कि 2012 में उसका अपहरण हारुननगला, बरेली के अमोल ने किया था। तब पिता ने एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में अमोल के पिता सोबरन सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। केस के दबाव में उन लोगों ने समझौता किया और अमोल के साथ मेरी शादी कराने का वचन दिया। इसके बाद 2014 में टीका की रस्म (छेकाई) भी हुई। इसके बाद पिता का देहांत हो गया। इसके बाद भी अमोल का घर पर आनाजाना लगा रहा। मां से उसने शादी के नाम पर लाखों रुपये वसूले और मेरे साथ पत्नी की तरह संबंध रखा। शादी करने की बात पर ग्रेजुएशन पूरा होने का इंतजार करने को कहता था।
अब पढ़ाई पूरी होने के बाद भाई जब चाचा को लेकर उसके घर गए तो अमोल और उसके घरवाले शादी की बात से पलट गए। मामले में एक माह चक्कर काटने के बाद इज्जतनगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई लेकिन पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। इस पर सीएम से मिलने लखनऊ गई थी। वहां उनके गोरखपुर होने की जानकारी मिली तो यहां आ गई। अब यहां आकर भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।