महेसरा रेलवे पुल से शुक्रवार की सुबह कूदकर जान देने पहुंचे प्रेमी युगल को चरवाहों ने पकड़ लिया। तीन दिन पहले दोनों घर छोड़कर चले आए थे। शुक्रवार की सुबह धर्मशाला बाजार में एक रिश्तेदार दोबारा ऐसी गलती न करने की कसम खिलाने मंदिर में ले गया था। दोनों वहीं से भागकर जान देने पहुंचे थे। काफी मान-मनौव्वल के बाद दोनों घर जाने पर राजी हुए।
संतकबीर नगर जिले के धर्मसिंहवा, धुसवा गांव एक किशोर (15) डीजे की बुकिंग करता हैं। डेढ़ साल पहले वह कलनाखोर गांव में डीजे बजाने गया। इस दौरान उसकी मुलाकात गांव की एक किशोरी से हो गई। बातचीत के बाद दोनों में दोस्ती हो गई। घरवालों ने जानकारी होने पर मिलने पर दोनों पर पाबंदी लगा दी थी।
तीन दिन पहले प्रेमी युगल घर से भाग निकला। दोनाें धर्मशाला बाजार में रह रहे थे और परिवार के लोग उन्हें ढूंढ रहे थे। शुक्रवार की सुबह किशोर के मोबाइल पर उसके एक रिश्तेदार का फोन आया। बातचीत के बाद उसने अपना लोकेशन बता दिया। कमरे पर पहुंचने के बाद रिश्तेदार किशोर और उसकी प्रेमिका को लेकर बरगदवां चले गए। महेसरा पुल के पास स्थित वामंत माता मंदिर में ले जाकर वो दोनों से दोबारा ऐसी गलती न करने की कसम दिलाने लगे।
इस बीच जानकारी होने पर किशोर का पिता भी वहां पहुंच गया। कसम खाने के लिए दबाव डालने पर दोनों मंदिर से भागकर जान देने रेलवे पुल पर पहुंच गए। वे ताल में छलांग लगाने ही जा रहे थे कि चरवाहों ने उन्हें पकड़ लिया। वे दोनों को पुलिस के हवाले करने जा रहे थे लेकिन किशोर के पिता ने बदनामी होने की दुहाई देकर उन्हें मना कर दिया। मान-मनौव्वल के बाद वह बेटे के साथ उसकी प्रेमिका को लेकर घर लौट गए।