गोरखपुर। चिलुआताल के उमरपुर में किशोरी रागिनी की हत्या उसके बड़े भाई सिकंदर पाल ने दोस्त कामदेव सिंह की मदद से कराई थी। रागिनी के पेट और सिर में गोली मारी गई थी। पुलिस ने आरोपी भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक सिकंदर को बहन के चरित्र पर शक था।
एडिशनल एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे के साथ एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में किशोरी की हत्या का पर्दाफाश किया। पुलिस अफसरों ने बताया कि गहन जांच-पड़ताल के बाद किशोरी के बड़े भाई सिकंदर पाल को गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया, फिर हत्या की कड़ी खुलती चली गई। उसकी निशानदेही पर दोस्त शाहपुर के व्यास नगर निवासी कामदेव सिंह को गिरफ्तार कर पिस्टल बरामद कर ली गई। किशोरी की हत्या की योजना दीपावली के दिन बनी थी, जिसे बाद में अमल में लाया गया। 20 नवंबर की शाम सात बजे किशोरी साइकिल से मोहल्ले में ही कहीं गई थी। लौटते वक्त उसे कामदेव मिला और उसको प्रेमी से मिलवाने के बहाने स्कूटी पर बैठाकर ले गया। इसके बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। उस वक्त किशोरी का भाई मौके पर था। कामदेव पर शाहपुर, कैंट और गोरखनाथ थाने में पहले से लूट, चोरी के पांच केस दर्ज हैं।
पुलिस को 10 हजार का इनाम
हत्या का पर्दाफाश और आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने दस हजार रुपये का इनाम देने का एलान किया है।
ये था मामला
चिलुआताल के उमरपुर गांव के आम के बगीचे में 21 नवंबर की सुबह किशोरी का शव मिला था। उसे गोली मारी गई थी। इस मामले में करमहा निवासी आफताब आलम की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को किशोरी की पहचान गुलरिहा के शिवपुर साहबाजगंज निवासी रागिनी के रूप में हुई थी।