गोरखपुर। राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव हत्याकांड से जुड़े और साक्ष्य जुटाने के लिए एसटीएफ की एक टीम सोमवार को नेपाल गई। टीम सारण के काल्की जाएगी, जहां राखी का शव फेंका गया था। घटना का सीन भी रिक्रिएट किया जा सकता है। साथ ही राखी के शव को सबसे पहले देखने वाले भेड़ चराने वाले से भी जानकारी ली जा सकती है।
अपना फोन घर छोड़ गए थे डॉक्टर
एसटीएफ की जांच से पता चला है कि नेपाल जाने से पहले डॉक्टर ने अपना फोन घर पर रख दिया था। इसी बीच डॉक्टर की राखी से जितनी बार बात हुई, उसमें अस्पताल कर्मी प्रमोद और देशदीपक निषाद के फोन का इस्तेमाल किया गया। एसटीएफ ने कहा कि नंबर बदलकर फोन किए गए। इसके साक्ष्य मोबाइल कॉल डिटेल से मिले हैं।
प्रयोगशाला से होगी मोबाइल की जांच
राखी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आर्यन अस्पताल के मालिक डॉ. डीपी सिंह, अस्पताल कर्मी प्रमोद कुमार सिंह और देश दीपक निषाद के मोबाइल फोन जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजे जाएंगे। जांच एजेंसी को शक है कि मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो डिलीट किए गए हैं। एसटीएफ का कहना है कि मोबाइल फोन के कॉल डिटेल से राखी और डॉक्टर के बीच लंबी बात होने के साक्ष्य मिले हैं।
अपहरण की धारा हत्या में तरमीम
शाहपुर थाने में दर्ज राखी श्रीवास्तव के अपहरण की धारा हत्या में तरमीम कर दी गई है। अब मामले की छानबीन होगी, फिर चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को सजा दिलाने की कोशिश होगी।
बैरक में नहीं शिफ्ट किए जा सके डॉक्टर
डॉ. डीपी सिंह सोमवार को जेल अस्पताल में ही भर्ती रहे। डॉक्टरों के मुताबिक तबीयत में सुधार होते ही उन्हें बैरक में शिफ्ट किया जाएगा। दूसरी तरफ, हत्या के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच सकी।