यूपी और उत्तराखंड के बीच परिवहन सेवा सुलभ बनाने के लिए होने वाला करार फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अब यह करार लखनऊ में होने की उम्मीद है। इसके बाद दोनों प्रदेश के बीच रोडवेज की बसें चलने लगेंगी।
दोनों प्रदेशों के बीच करीब 17 साल पहले तब प्रस्ताव बना था जब वर्ष यूपी से उत्तराखंड को अलग कर दिया गया था। तीन वर्षों तक यूपी की रोडवेज की बसें उत्तराखंड जाती थीं। वर्ष 2003 में उत्तराखंड परिवहन निगम का गठन होने के बाद भी दोनों प्रदेशों में बसों के संचालन और परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कई बार कोशिशें हुईं लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
रविवार को दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री के गोरखपुर आने के बाद करार होने की संभावनाएं बढ़ गई थीं, लेकिन अभी इसे स्थगित कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो करार जल्द ही लखनऊ में होगा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव राय ने बताया कि दोनों प्रदेशों के बीच परिवहन सेवा को लेकर होने वाला करार फिलहाल स्थगित हो गया है।