दुष्कर्म के आरोपी दरोगा को दस साल की सजा
फरियादी को नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म करने का था आरोप
कोर्ट ने 27 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दुष्कर्म का आरोप सही पाए जाने पर झंगहा थाने के तत्कालीन दरोगा हरिशंकर राम को कोर्ट ने दस साल की कठोर कैद एवं 27 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना नहीं देने पर सात माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दरोगा अभी रिटायर हो गए हैं।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वादिनी का उसके पट्टीदारों से जमीन का विवाद चल रहा था। उसने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिर डीआईजी गोरखपुर से शिकायत की। नवंबर 2007 में हरिशंकर राम ने उसे थाने पर बुलाया और पास ही में आवास पर ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने पर उसने शादी का आश्वासन देकर शांत करा दिया और आगे भी उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद बल्लभ शर्मा ने दरोगा को दोषी पाया और सजा सुनाई।