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सलमान खुर्शीद की पत्नी के ट्रस्ट की रैंडम रिपोर्ट शासन को सौंपी

Fri, 15 Jun 2018 11:51 PM IST
siddharthnagar
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लुईस खुर्शीद - फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद के ट्रस्ट की ओर से दिव्यांगों को उपकरण बांटने में गड़बड़ी के मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने रैंडम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। दिव्यांगों को ट्राई साइकिल का वितरण यूपीए के शासनकाल में हुआ था।
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जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा उपकरण वितरण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद वर्ष 2012 में ईओडब्ल्यू ने मामले की जांच शुरू की थी। सिद्धार्थनगर में 24 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल देने का दावा किया गया था, लेकिन उन दिव्यांगों को उपकरण नहीं मिले थे। अब सलमान खुर्शीद की पत्नी के ट्रस्ट के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति मिल गई है। इसी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने रैंडम रिपोर्ट मांगी थी।

ट्रस्ट से सिद्धार्थनगर में जिन 24 दिव्यांगों को उपकरण देने का दावा किया था उनमें खेसरहा के ग्राम रमवापुर निवासी कन्यावती पुत्री रामशंकर और अली हसन पुत्री गुलामदार को वाकर शामिल थे, लेकिन इन्हें विभाग की ओर से ट्राई साइकिल देने की बात सामने आई थी। इसी गांव के राकेश पुत्र रामकिशन और संजय पुत्र निमी का नाम भी था, जबकि वे उस गांव के निवासी नहीं। इनका नाम बसफोड़िया ग्राम सभा में दर्ज था। संजय को 2004 में ट्राई साइकिल मिली थी। राकेश ने उपकरण मिलने की बात को नकारा था। अरविंद कुमार, मुस्तकीम, अब्दुल नईम, मोहम्मद इरफान, हरीश और भारत लाल का नाम गलत बताया गया था, जबकि सुभावती, प्यारे, मोहम्मद, नईम, गोमती, सुमन, रमेश, अशोक का भी पता गलत था। उस समय शुरुआती जांच में विभाग के पास पात्रों की सूची के अलावा कोई दस्तावेज नहीं थे। तब ईओडब्ल्यू ने जिले से सभी दस्तावेज मंगाए थे, जिसे लखनऊ ले जाया गया था।
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वर्ष 2012 में दिए गए थे जांच के आदेश
- दिव्यांगों को उपकरण देने में गड़बड़ी के मामले में प्रदेश सरकार ने 2012 में ईओडब्ल्यू को जांच करने का आदेश दिया था। जांच में प्रदेश के 16 जिले शामिल थे। इनमें सिद्धार्थनगर भी था।
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कोट--
- रैंडम जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें पांच प्रतिशत उपकरण पाने वाले दिव्यांगों की जांच की बात कही गई थी। रिपोर्ट भेज दी गई है। -
विकास मौर्य, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी
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