होली के उमंग के बीच ही शराब के नशे के चलते बहुतों की होली फीकी हो गई। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में इस दिन 300 लोग घायलावस्था में पहुंचे। डॉक्टरों के मुताबिक सभी शराब के नशे में थे। इसमें सात की मौत हो गई।
शुक्रवार को होली के उमंग में एक तरफ जहां लोग रंग में सराबोर थे वहीं दूसरी तरफ नशे की हालत में घायल लोगों को अस्पताल भेजा गया। 24 घंटे में मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी में 221 मरीज पहुंचे। इसमें गंभीर रूप से 29 को भर्ती किया। वहीं इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आते समय सात की मौत हो गई। इसी क्रम में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में हादसे में घायल होकर 79 लोग पहुंचे। इसमें से 58 का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया। जबकि 11 भर्ती किए गए। वहीं 10 की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
ट्रॉमा सेंटर में मारपीट
सड़क हादसे में घायल के तीमारदारों का ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर मारपीट हो गई। डॉक्टरों की पिटाई से डरे घरवाले मरीज को लेकर भाग गए। गोरखनाथ एरिया के रहने वाले एक व्यक्ति शुक्रवार की दोपहर सड़क हादसे में घायल हो गए थे। करीब एक बजे बीआरडी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। इसी दौरान इलाज को लेकर घरवालों और डॉक्टरों में विवाद हो गया।
नशे में नहाने गया, पोखरे में डूबने से मौत
गुलरिहा के डुमरी नंबर दो के बंगला टोला निवासी बबलू (18) की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को गांव के ही पोखरे में नशे की हालत में नहाने गया था। इसी बीच वह डूबने लगा। यह देख कुछ ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।