महराजगंज/गोरखपुर। गोरखपुर के चिलुआताल के छामूस्थान पर हत्या कर फेंके गए शव की पहचान हो गई है। शव शाहपुर के पादरीबाजार निवासी राकेश चौधरी की थी। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया है। राकेश की हत्या कर कार लूटकर नेपाल भागते समय बदमाशों को पुलिस ने सोनौली के पास पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक तीनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार कर लिया है।
गोरखपुर के शाहपुर निवासी राकेश चौधरी तारामंडल रोड निवासी संजय उपाध्याय की कार चलाते थे। तीन लोगों ने 12 जनवरी की रात नेपाल जाने के लिए कार बुक किया था। रास्ते में चिलुआताल के पास उन्होंने चालक को शराब पिला दी और उसके सिर पर वारकर हत्या कर दी। उसके बाद तीनों कार लेकर नेपाल के लिए निकल पड़े। इसी दौरान पीपीगंज में एक पेट्रोल पंप पर मुफ्त में तेल भरवाने को लेकर उन्होंने पंप कर्मियों के साथ मारपीट की। सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई। महराजगंज पुलिस की मदद से तीनों को नेपाल बॉर्डर से पकड़ लिया गया। उनकी पहचान शाहपुर के बशारतपुर निवासी छोटू उर्फ शिवनाथ, चिलुआताल के एफसीआई कॉलोनी निवासी अशरफ और आशुतोष मिश्रा के रूप में हुई है। छोटू पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
महराजगंज के एसपी रोहित सिंह सजवान ने सोमवार को बताया कि पेट्रोल पंप पर मारपीट कर भागते समय इन लोगों ने एक वाहन में टक्कर मार दी थी। सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई। इसकी भनक लगते ही तीनों कच्चे रास्ते से नेपाल की ओर निकले, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि छोटू के पास से एक देसी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।