गोरखपुर।
जेल में पहुंचने के बाद गैंगेस्टर प्रदीप सिंह की तबियत खराब हो गई है। शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने दस नंबर बैरक से हटाकर उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कर दिया है। प्रदीप के अधिवक्ता ने जिला अस्पताल में उपचार के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
हत्या के प्रयास के मामले में कोतवाली पुलिस ने सहजनवां के मल्हीपुर निवासी माफिया प्रदीप सिंह को जेल भेजा था। उसके नौ साथी पहले से जेल में बंद हैं। सुरक्षा को देखते हुए माफिया प्रदीप को मिलेनियम बैरक में रखा गया था। फिर उसे दस नंबर बैरक में शिफ्ट किया गया। प्रदीप ने बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों और सीने में दर्द की शिकायत जेल प्रशासन से की। जांच के बाद उसे दस नंबर बैरक से जेल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने प्रदीप और उनके नौ साथियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। जेल अधिकारी माफिया की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर नजर जमाए हुए हैं।
डॉ. कफील, डॉ. सतीश और तुषार मिलेनियम बैरक में
बीआरडी कांड के आरोपी डॉ. कफील खान, डॉ.सतीश और डॉ. तुषार को सुरक्षा के लिहाज से मिलेनियम बैरक में रखा गया है। लंबे समय तक मुलाहिजा बैरक में रखे गए डॉ. कफील ने कोर्ट और जेल प्रशासन को प्रार्थना पत्र के माध्यम से बीमारी का हवाला दिया था। डॉ. सतीश और धोखाधड़ी में बंद डॉ. तुषार को भी मेलेनियम बैरक में रखा गया है। जेलर का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए बैरक बदली जाती है।
बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन आज
बुधवार को जेल में खेल की विधिवत शुरूआत हो जाएगी। बैडमिंटन कोर्ट बनकर तैयार हो गया है। बंदी, कैदी प्रतिदिन खेल प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जेलर रामकुबेर सिंह ने कहा कि बुधवार को बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया जाएगा। सभी बैरक में कैरमबोर्ड, लूडो उपलब्ध करवा दिया गया है। दिवाली को देखते हुए बैरक की रंगाई और सफाई कराई जा रही है।