कोर्ट ने 2000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए गाजीपुर के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम गहनी के रहने वाले दरोगा रामजी यादव को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार साल का कारावास और 30,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। कोर्ट ने अर्थदंड न जमा करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट में एडीजीसी एचएन यादव और एडीजीसी संतोष कुमार यादव का कथन था कि आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम करनपुर सरइया निवासी वादिनी मीना देवी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया था, जिसके लिए उसने मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले के विवेचक दरोगा रामजी यादव थे। उन्होंने बेटी को बरामद करने के लिए 5000 रुपये घूस मांगे, जिसमें से उसने 3000 रुपये दे दिए। शेष 2000 रुपये न देकर वादिनी ने दरोगा को रंगे हाथ पकड़वाने का फैसला किया। इसके लिए उसने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत दर्ज कराई। संगठन की ट्रैप टीम ने छह अक्टूबर 2008 को विद्युत सब स्टेशन लारघाट के पास दरोगा को 2000 रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट में दरोगा ने कहा कि वह निर्दोष है। वादिनी ने अपनी तथाकथित बेटी को बेच दिया था। मुकदमे में वादिनी के खिलाफ विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। इसी रंजिश में उसने फंसाया है। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दरोगा को सजा सुनाई।