पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर के गंगानगर कॉलोनी में सोमवार को दीवार गिरने से गुलरिहा के दो मजदूर शंकर पासवान (60) और रामकमल चौहान (50) की मौत हो गई। दीवार के पास ही नाला का निर्माण हो रहा था। खुदाई के दौरान एक मकान की चहारदीवारी गिरने से मजदूर उसकी चपेट में आ गए थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
नगर निगम की तरफ से गंगानगर कॉलोनी में नाले का निर्माण कराया जा रहा है। 600 मीटर नाले का निर्माण हो चुका है। 200 मीटर का निर्माण और होना है। गायत्री एसोसिएट की ओर से सोमवार की दोपहर गंगानगर कॉलोनी में खुदाई कराई जा रही थी। उसी बीच मनोज जायसवाल के आवास की चहारदीवारी ढह गई। उसके नीचे गुलरिहा के छोटी बरौली निवासी मजदूर शंकर पासवान और रामकमल दब गए। आनन-फानन में जेसीबी मशीन मंगाई गई, फिर खुदाई शुरू हुई। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से निकाला गया। उसके बाद ऑटो से बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अवर अभियंता, ठेकेदार की लापरवाही उजागर
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की प्राथमिक जांच में नगर निगम के अवर अभियंता और ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन और नगर आयुक्त अंजनि कुमार सिंह के पास भेजी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश ने कहा कि अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई संभव है। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दोनों मजदूरों के शव लाते ही गांव में मातम
भटहट (गोरखपुर)। गुलरिहा क्षेत्र के छोटी बरौली गांव में सोमवार को मातम छा गया। शंकर पासवान और रामकमल के शव एक साथ गांव में लाए गए। शंकर की पत्नी निर्मला और रामकमल की पत्नी झिनकी देवी रो-रो कर बेहोश हो जा रही थीं। परिवार के लोगों ने बताया कि दोनों शवों का दाह संस्कार सोमवार को सुबह किया जाएगा।
शंकर मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके दो बेटे जीउत और गोविंद की शादी हो चुकी है। दोनों बेटे भी मजदूरी करते हैं। शंकर की बेटी रीता और सरिता की भी शादी हो चुकी है। वहीं, रामकमल दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई लालमोहन भी मजदूरी करते हैं। रामकमल की चार बेटियां श्रीभावती (22), प्रियंका (18), रिंकी (16), रविता (14) और बेटा कुशल (11) है। श्रीभावती की शादी हो चुकी है। रिंकी गांव के जूनियर स्कूल में आठवीं में तो कुशल प्राथमिक स्कूल में पांचवीं में पढ़ता है। दोनों परिवारों की माली हालत खराब है। गांव के लोग यहीं कह रहे थे कि अब इनके बच्चों का क्या होगा।