गोरखपुर। चिलुआताल के फत्तेहपुर डिहवा मोड़ के पास आकाश चौहान को गाड़ी ओवरटेक करने के विवाद में गोली नहीं मारी गई थी। बल्कि बाइक पर पीछे बैठे दोस्त के हाथों से चली गोली से उसकी मौत हुई थी। खुद को बचाने के लिए उसने हत्या की फर्जी कहानी गढ़ी और पुलिस को गुमराह किया। बाइक गिरने की वजह से उसे चोट आई थी जिसे वह गोली का घाव बता रहा था। आरोपी दोस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है। नाबालिग होने की वजह से आरोपी को बाल सुधार गृह में रखा गया है।
सीओ कैंपियरगंज रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि शनिवार को गोरखनाथ के राजेंद्र नगर पश्चिमी निवासी आकाश चौहान अपने दोस्त के साथ निकला था। बाइक आकाश चला रहा था। करीमनगर के पास पीछे बैठे दोस्त ने एक राहगीर का मोबाइल लूटने की कोशिश की मगर सफलता नहीं मिली और मोबाइल सड़क पर गिर गया।
इसी दौरान पीछे से आ रहे कार सवारों ने घटना देख ली और बदमाश मानकर दोनों का पीछा करने लगे। आकाश ने कमर में तमंचा रखा था और कार सवारों को डराने के लिए उसने दोस्त को कमर से तमंचा निकालने को कहा। तभी स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी उछलने से ट्रिगर दब गया। गोली आकाश की कमर में गोली लग गई। वहीं बाइक अनियंत्रित होने से दोनों सड़क पर गिर गए। जिसमें आकाश के दोस्त को भी चोट आई। आकाश को गोली लगने के बाद दोस्त फरार हो गया और फिर पूछताछ को आने पर मनगढ़ंत कहानी सुनाई।
गैर इरादतन हत्या में बदलेगी रिपोर्ट
आकाश की मौत के बाद दर्ज हत्या का केस अब गैर इरादतन हत्या में तरमीम हो जाएगा। एसओ ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर खुलासे के बाद धारा बदली जाएगी।