बांसगांव के विशुनपुर गांव में अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने पर बवाल हो गया। शुक्रवार को प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि विवाद के बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों की तीन झोपड़ियां जला दीं। हालांकि इसे पेशबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। गांव में जातीय संघर्ष की सूचना पर एसपी दक्षिणी ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए और बवाल को शांत कराया।
शनिवार को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद विवाद फिर बढ़ गया। हालांकि पुलिस की सक्रियता से इसे रोक लिया गया। प्रशासन ने अंबेडकर की नई प्रतिमा स्थापित करा दी है। गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है।
बवाल की शुरुआत शुक्रवार सुबह 9:30 बजे हुई। गांव में बेलास के घर के पास ही स्थापित अंबेडकर की प्रतिमा किसी ने क्षतिग्रस्त कर दी थी। इसी पर विवाद हो गया। सूचना पाकर सीओ बांसगांव, थानेदार भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को शांत कराकर नई मूर्ति स्थापित करा दी। एक बार पूरा मामला शांत हो गया था लेकिन एक पक्ष की तीन झोपड़ियों में किसी ने आग लगा दी और फिर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इससे विवाद फिर बढ़ गया, मगर गांव में फोर्स तैनात होने से मामले को शांत करा लिया गया।
पुलिस ने केस दर्ज कर छह लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर राधेश्याम और चंद्रशेखर के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया है।