राह चलते लोगों के मोबाइल लुटने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपियों ने लूट की तीन घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल ली है। इनमें दो नाबालिग हैं, जबकि दो दसवीं के छात्र हैं। गैंग का सरगना त्रिदेव शौक पूरे करने के लिए उनसे लूट की वारदातें कराता था। पुलिस को चकमा देकर फरार त्रिदेव की तलाश की जा रही है।
एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सीओ गोरखनाथ (आईपीएस) चारु निगम, इंस्पेक्टर मनोज पाठक, हड़हवा फाटक चौकी प्रभारी कैसर खान सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ बृहस्पतिवार की रात साढ़े दस बजे संगम चौराहे पर चेकिंग कर रही थीं। तभी दो बाइक पर सवार पांच लड़के आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। इसी बीच एक युवक फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि चारों शहर में तीन जगह हुई लूट की घटना में शामिल थे। पकड़े गए बदमाशों की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के मान विहार कालोनी निवासी अभिषेक सिंह, आकाश पांडेय, अनिकेत सिंह और पादरीबाजार निवासी रोशन के रूप में हुई।
बड़े भाई की बाइक से करते थे लूटपाट
अभिषेक, आकाश और 16 साल का अनिकेत सिंह हाईस्कूल का छात्र है, जबकि 15 साल का रोशन छठवीं कक्षा का छात्र है। चारों ने पुलिस को बताया कि उनके गैंग का मास्टर माइंड त्रिदेव सिंह है। उसके इशारे पर ही रोशन अपने बड़े भाई की बाइक लेकर घर से जाता था। उसी बाइक से लूटपाट की जाती थी।
रोशन चलाता था बाइक
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रोशन को बाइक से स्टंट करने का शौक है। इसी वजह से बाइक वही चलाता था और पीछे बैठे साथी लूटपाट करते थे। मोबाइल बिकने पर रोशन को पंद्रह सौ रुपये मिलते थे।
रेलवे कर्मचारी का बेटा भी लुटेरा
चारों आरोपी महंगे होटल में खाना खाने और महंगे कपड़े का शौक पूरा करने के लिए लोगों से मोबाइल छीनकर बेच देते थे। पकड़े गए आरोपी अभिषेक के पिता भगवान सिंह रेलवे कर्मचारी हैं, जबकि आकाश के पिता सुनील पांडेय कुक और अनिकेत के पिता विजय सिंह रिक्शा चलाते हैं। रोशन के पिता सुनील कुमार का केबल कनेक्शन का कारोबार है।