गोरखपुर। हियुवा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह समेत दस लोगों को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। अपर सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट के विनय कुमार ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। कचहरी में सुनील के समर्थक भारी संख्या में एकत्र थे। इस दौरान हुई नारेबाजी के बीच सुनील ने समर्थकों से कहा कि संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
हियुवा नेता विवेक सूर्या को धमकी देने के आरोप में आए हियुवा भारत के महानगर संयोजक चंदन विश्वकर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसी के बाद हंगामा बढ़ गया। राष्ट्रीय सुनील सिंह की अगुवाई में तमाम कार्यकर्ता राजघाट थाने पहुंचकर चंदन को छुड़ाने लगे। थाने में धक्कामुक्की और हंगामे के बीच पुलिस ने बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और 11 लोगों पर नामजद केस दर्ज कर दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
बुधवार को कोर्ट में पेशी के दौरान कचहरी में भारी फोर्स तैनात रही। दो एसपी, चार सीओ, चार थानेदार, छह दरोगा, 20 सिपाही, क्राइम ब्रांच, एलआयू के अलावा एक प्लाटून पीएसी भी लगाई गई थी। खुद एसपी सिटी विनय सिंह फोर्स के साथ मौजूद है। दोपहर 2.45 बजे फैमिली कोर्ट की तरफ से सुनील और उनके साथियाें को कचहरी लाया गया।
किसकी-किस मामले में हुई गिरफ्तारी
विवेक को धमकी देने के मामले में चंदन विश्वकर्मा और सुनील सिंह की, पुलिस द्वारा दर्ज कराए गए केस में सुनील सिंह, भूपेंद्र सिंह, अभिनंदन तिवारी, श्रीराम बाबू, कमलेश, चंदन विश्वकर्मा, सुशील कुमार, मनीष पटवा, कुलदीप, राघवेंद्र सिंह की और राजघाट थाने के पास पार्षद के वाहन में तोड़फोड़ के आरोप में सुनील सिंह, चंदन विश्वकर्मा, कमलेश और रामबाबू की।