वकीलों से झड़प के बाद लेखपालों ने केस दर्ज कराने के लिए बैठक की।
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सदर तहसील में लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार की देर रात लेखपालों की तरफ से अधिवक्ताओं पर भी केस दर्ज करा दिया गया। लेखपाल ओम प्रकाश पासवान की तहरीर पर कैंट पुलिस ने अधिवक्ता मनीष यादव और उनके मुवक्किल उमा यादव पर नामजद समेत अन्य अधिवक्ताओं पर डकैती, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप तथा एसएसी-एसटी एक्ट आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। अधिवक्ताओं की तरफ से पहले ही लेखपाल गंगा सिंह और ओम प्रकाश पासवान पर डकैती व भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज कराया जा चुका है। डीएम की तरफ से दोनों लेखपालों को निलंबित करने का भी निर्देश दिया जा चुका है।
लेखपाल ओमप्रकाश ने अपनी तहरीर में लिखा है कि वह शुक्रवार की दोपहर अपने राजस्व निरीक्षक के कक्ष में बैठकर काम निपटा रहे थे। दोपहर 12.45 बजे के करीब दिवानी कचहरी के अधिवक्ता मनीष यादव व गिरधरगंज के उमा यादव एक अन्य व्यक्ति के साथ कक्ष में पहुंचे। उन्होंने पास में ही बैठे लेखपाल साथी गंगा सिंह से पहले बात की और फिर राजस्व निरीक्षक पिपराइच से फोन पर बात करने के बाद गंगा सिंह को गाली देनी शुरू कर दी। उन्होंने समझाने की कोशिश की तो उनके ऊपर भी हमला कर दिया गया। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें भी गालियां दी गईं और सरकारी कागजात फाड़ दिए गए। उन्होंने अधिवक्ताओं पर उनकी घड़ी लूटने का भी आरोप लगाया है।
लेखपालों ने 30 तक का दिया अल्टीमेटम
जिला लेखपाल संघ के नेतृत्व में सभी तहसीलों के लेखपालों ने शनिवार को सदर तहसील सभागार में बैठक कर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने भी उनके साथ भेदभाव किया। अधिवक्ताओं ने लेखपालों को पीटा, सरकारी कागजात फाड़ दिए और उनके एक साथी के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके दुर्व्यवहार किया गया। बावजूद इसके पुलिस ने उनके ही साथी लेखपालों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं डीएम ने वकीलों को लेखपाल गंगा सिंह और ओमप्रकाश पासवान को निलंबित करने का आश्वासन भी दे डाला। संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश ने कहा कि अधिवक्ताओं ने कूटरचित पत्रावली तैयार कर लेखपालों पर मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि वकील मनीष और उनके मुवक्किल जिस विरासत की पत्रावली में गड़बड़ी की बात कह रहे थे, उसे राजस्व निरीक्षक पिपराइच ने तैयार किया था। संघ ने उन पर भी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि 30 दिसंबर तक अगर दोनों लेखपालों पर दर्ज केस और निलंबन वापस नहीं लिया गया तो जिले के सभी लेखपाल 31 दिसंबर से अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। संघ ने पूरे मामले की जांच की भी मांग की है। अमीनों और कर्मचारी संघ ने भी लेखपालों को अपना समर्थन दिया है।