खोराबार (गोरखपुर)। डिप्टी रेंजर दिग्विजय पांडेय पर फायरिंग करने के मामले में दर्ज केस को वापस लेने के लिए वन रक्षक को जान से मारने की धमकी दी गई है। केस के वादी वन रक्षक राजकरन के मुताबिक छह नवंबर को रास्ते में घेरकर बदमाशों ने धमकी दी। एसएसपी के आदेश के बाद शनिवार को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
13 जुलाई 2018 की रात खोराबार के जंगल रामलखना में डिप्टी रेंजर दिग्विजय पांडेय को वन तस्करों ने गोली मार दी थी। तब पुलिस ने वन रक्षक राजकरन की तहरीर पर रामलखना गांव निवासी शिवशरण, शेषमणि, सेराज, जर्नादन पासवान, मनोहर और राजेश समेत छह लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
वर्तमान में सभी आरोपी जेल में हैं। राजकरन के मुताबिक तिलकोनिया रेंज के कुसम्ही बीट में उनकी तैनाती है। छह नवंबर की शाम बीट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो लोगों ने उन्हें रोका और केस वापसी की धमकी दी। बोला कि यदि केस वापस नहीं लोगे तो हत्या कर दी जाएगी।