मौत के बाद रास्ता जाम करके लोगों ने प्रदर्शन किया।
घंटाघर स्थित अन्नपूर्णा चिल्ड्रेन एंड मैटर्निटी क्लीनिक में बुधवार की सुबह मासूम की मौत के बाद परिवारवालों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि डॉक्टर व स्टॉफ की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई। हंगामा कर रहे लोगों ने रास्ता जाम कर डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। लोगों का गुस्सा देखकर अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। घर वालों ने राजघाट थाने में तहरीर दी है। पुलिस जांच में जुटी है।
राजघाट के कालीबाड़ी के शेषपुर के रहने वाले नीरज सिंह की चार वर्षीय बेटी रुनझुन की मंगलवार की शाम तबियत बिगड़ गई। उन्होंने बच्ची को अन्नपूर्णा चिल्ड्रेन एंड मैटर्निटी क्लीनिक में डॉ. राजेश गुप्ता को दिखाया। दवा लेकर वे घर लौट गए। इसी बीच बुधवार की भोर में करीब 3:30 बजे बच्ची की तबियत अचानक ज्यादा खराब हो गई। घर वाले आननफानन बच्ची को लेकर क्लीनिक पहुंचे। एक नर्स ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इसके बाद उसका शरीर अकड़ने लगा। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन घर वाले बच्ची की हालत चिंताजनक देखते हुए उसे निजी हॉस्पिटल लेकर चले गए। वहां डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की एक घंटे पहले ही मौत चुकी है। इससे नाराज घर वाले बच्ची के शव को लेकर अन्नपूर्णा क्लीनिक पहुंच गए। मौत की खबर मुहल्ले वाले भी आ धमके। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने क्लीनिक में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस लोगों को शांत कराया। घर वालों ने पुलिस को तहरीर दी है। उधर, डॉक्टर ने भी तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है।
बच्ची को सांस की बीमारी थी। हालत खराब थी। घर वालों के कहने पर उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, मगर लोग बच्ची को लेकर दूसरे अस्पताल चले गए। बाद में क्लीनिक पहुंचे लोगों ने तोड़फोड़ के साथ जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है।
- डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ