बडहलगंज। फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए पंचायत मित्र की नौकरी करने वाली नीता सिंह व जन सूचना पर प्रमाण पत्र को सही ठहराने वाले पूर्व खंड विकास अधिकारी अवधेश राम के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की। न्यायालय में वाद दायर करते हुए परसिया तिवारी के कृपाशंकर तिवारी ने कहा था कि उनके गांव की नीता सिंह ने सन 2006 में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अवधेश राम की मिलीभगत से फर्जी अंकपत्र के जरिए पंचायत मित्र की नौकरी हासिल कर ली।
जन सूचना अधिकार के तहत जब तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अवधेश राम से सूचना मांगी गई तो दी गई उन्होंने प्रमाण पत्र को सही ठहराया। इसके बाद उन्होंने संस्कृत विद्यालय संपूर्णानंद वाराणसी केक उप कुलसचिव से सूचना मांगी. जिसमें यह बताया गया कि नीता सिंह संस्कृत विद्यालय की छात्रा ही नहीं हैं और न ही नौकरी में संलग्न शैक्षिक प्रमाण बोर्ड से जारी हुआ है। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सीजेएम न्यायालय ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अवधेश राम व पंचायत मित्र नीता सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।