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जीएसटी चोरी में 14 व्यापारियों पर मुकदमा

Wed, 21 Nov 2018 01:32 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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GST Fraud
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खोराबार (गोरखपुर)। गीडा सेक्टर 22, सहजनवां में फर्जी तरीके से गोदाम दिखाकर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। वाणिज्य कर की जांच में पुष्टि होने पर असिस्टेंट कमिश्नर विनय कुमार पांडेय की तहरीर पर खोराबार पुलिस ने मुख्य आरोपी गोल्फ इंटरप्राइजेज के मालिक अरुण सक्सेना समेत 14 लोगों पर जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी गोरखपुर के अलावा दिल्ली, इलाहाबाद, हरियाणा नोएडा, बिहार, हरदोई के रहने वाले हैं। इनके अलावा गोरखपुर बस्ती मंडल में आठ फर्जी फर्म भी मिला है। इनके प्रोपराइटरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
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विनय कुमार पांडेय की ओर से दर्ज कराए गए केस के मुताबिक गाजियाबाद के दीपक विहार खोड़ा कॉलोनी निवासी अरुण सक्सेना ने जीएसटी ऑनलाइन पोर्टल पर पैकिंग मैटेरियल के व्यापार का रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्होंने सहजनवां गीडा सेक्टर 22 स्थित गोल्फ इंटरप्राइजेज नाम से व्यापार के लिए किराए पर कमरे लेने का दस्तावेज पेश किया था। किराया 2000 प्रतिमाह दर्शाया गया। रेंट एग्रीमेंट सरोज देवी के नाम से था। वाणिज्य टीम की जांच में सरोज देवी ने बताया कि मैंने इस नाम के किसी शख्स को किराए पर कमरा नहीं दिया था। सरोज के पति राघव सिंह से पता चला की उन लोगों ने कमरे को सूरज राजपूत को दिया था, जिसने व्यापार में लाभ न होने की बात कहकर 23 सितंबर 18 को दुकान छोड़ दी। जांच में गोल्फ कंपनी की व्यापारिक गतिविधि अस्तित्व में नहीं मिली। आपूर्तिकर्ताओं, ट्रांसपोर्टर, वाहन स्वामियों के सहयोग से फर्जीवाड़ा किया गया है।

न स्टाक, न व्यापारिक गतिविधि, दिखाया करीब 90 करोड़ का व्यापार

जांच में पता चला कि दस्तावेजों में अरुण सक्सेना ने गोल्फ इंटरप्राइजेज, गाजियाबाद से गीडा स्थित गोदाम के लिए करीब 90.82 करोड़ के प्रिंटेड पैकिंग मैटेरियल की आपूर्ति दिखाई थी, लेकिन जब इस पते पर जब जांच की गई तो न तो कोई स्टॉक मिला और न ही उस जगह पर कोई व्यापारिक गतिविधि मिली। फर्जीवाड़े के लिए कंपनी ने गोल्फ इंटरप्राइजेज के जरिए लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर सहित कई जिलों में 275 ई-वे बिल के जरिए करीब 90.82 की आपूर्ति दिखाई है। इसके जरिए कंपनी ने आउटपुट सप्लाई 2448.93 लाख रुपया दिखाया।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस

अरुण सक्सेना, सूरज राजपुत (गोरखपुर), रंजीत कुमार (सहजनवां, गोरखपुर), रवि सिंह (गोरखपुर), सत्य प्रकाश शुक्ला (शिवशक्ति अपार्टमेंट, सेक्टर 1 नोएडा, गौतम बुद्धनगर), रमेश चंद्र (शाहपुर सिरसा, हरियाणा), प्रदीप चौहान (392 गली नंबर एक छलेरा सेक्टर 44, नोएडा, गौतम बुद्ध नगर), मानिक कुमार चटर्जी (वार्ड नंबर 4 डुमराना अमरपुर, बांका बिहार), सुदामा वाजपेयी (लोधौरा अतरौली संडीला, हरदोई), हरप्रीत सिंह रैना (3/3 तृतीय तल बैंक साईड नेहरू, नगर श्री निवासपुरी कालकाजी, साउथ दिल्ली), राघव सैनी (राघव नगर कसया, कुशीनगर), मुकेश कुमार झा (झकपियापुर पटना, बिहार), मनोज यादव (विकासपुरी नई दिल्ली), लक्ष्मीकांत (चक झपिया बमरौली, इलाहाबाद)

गोरखपुर बस्ती मंडल में ये आठ फर्म फर्जी मिले

कुसुम ट्रेडर्स- महादेव घुरहू, इटवा, सिद्धार्थनगर
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जेएस इंटरप्राइजेज- जगदीशपुर, करमहया पिंडरा, कुशीनगर
अशोक ट्रेडर्स- महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-1, कूड़ाघाट, गोरखपुर
श्वेता इंटरप्राइजेज- असुरन चौक, बिछिया रोड, गोरखपुर
शिवा इंटरप्राइजेज- लालडिग्गी, साहबगंज, गोरखपुर
आकाश इंटरप्राइजेज- चांद चौराहा, गोला बाजार, गोरखपुर
स्टार इंटरप्राइजेज- कान्हा गैस सर्विस के पास शाहपुर, गोरखपुर
श्री साईं आयरन इंडस्ट्रीज- वार्ड नंबर एक, चौरीचौरा
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