गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अगस्त महीने में ऑक्सीजन की कमी से हुई कई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर देगी। शुक्रवार को एक बार फिर सीओ कैंट अभिषेक सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पूछताछ कर कई साक्ष्य जुटाए। कई कर्मचारियों को नोटिस भेजकर सीओ कैंट ने उनसे सहयोग भी मांगा है। इससे मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की चार्जशीट में आरोपियों के नाम बढ़ने तय हैं। चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही कमीशनखोरी से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है।
पुलिस इस मामले में कई कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं कई ऐसे भी कर्मचारी हैं, जो पूछताछ शुरू होने के बाद से ही छुट्टी लेकर फरार हैं। अब पुलिस इन्हीं कर्मचारियों को नोटिस भेजकर केस में सहयोग मांग रही है। इसके बाद भी सहयोग न करने वालों के साथ पुलिस सख्ती के मूड में भी है। शुक्रवार को सीओ कैंट प्रिंसिपल के पास पहुंचे थे और कई पुराने दस्तावेज खंगाले। इसमें से कई ऑक्सीजन सप्लाई से संबंधित कागजात हैं, जिसे पुलिस अहम सुराग मान रही है। इस कार्रवाई से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। अब सीओ जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में हैं, ताकि बढ़े आरोपियों की गिरफ्तारी कराई जा सके।
यह है मामला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 9 से 11 अगस्त के बीच ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कफील खान, चीफ फॉर्मासिस्ट गजानन जायसवाल, सुधीर, संजय त्रिपाठी, उदय के खिलाफ केस दर्ज किया था। ये सभी आरोपी इस वक्त जेल में हैं।