फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांसगांव के कांजी हाउस में दस पशुओं की मौत् , केस दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
कांजी हाउस में हफ्ते भर में
विज्ञापन

दस पशु मरे, अफसर पर केस
- जिला पंचायत की देखरेख में चल रहा कांजी हाउस, चारे के अभाव में भूख से मौत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बांसगांव (गोरखपुर)। बांसगांव स्थित कांजी हाउस में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब दस पशु मर गए। आरोप है कि चारा न मिलने से पशुओं की जान गई। ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने जिला पंचायत के समाहर्ता अधिकारी संतोष कुमार सिंह के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
जिला पंचायत की ओर से संचालित इस कांजी हाउस में 78 पशुओं को रखा जा सकता है। हर पशु के चारा-पानी के लिए प्रतिदिन 30 रुपये मिलते हैं। इसके लिए रकम भी जारी कर दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों ने चारा नहीं मंगाया और पशु भूख से मर गए। आरोप यह भी है कि पशुओं के शवों को गोपनीय तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। नाराज ग्रामीणों ने कांजी हाउस के बाहर हंगामा भी किया। इसके बाद वार्ड नंबर नौ निवासी अग्निवेश सिंह, भैरवपुर के सुशील सिंह, सभासद विनय सिंह, आशीष प्रताप सिंह, दीपक आदि बांसगांव थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन

..
बीमारी फैलने का खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक पशुओं के शवों को दफनाया नहीं गया है। खुले में शव फेंकने से बदबू उठ रही है। इससे बीमारी फैलने का खतरा है। मामले की शिकायत जिला पंचायत के अफसरों से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन


कोट::::
पशुओं के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। जल्द ही रिपोर्ट मिलेगी। कांजी हाउस में 78 पशु रखे जा सकते हैं लेकिन कुछ ग्रामीण सुरक्षा कर्मी को धमकाकर 40-45 अतिरिक्त पशुओं को कांजी हाउस में भेज देते हैं। इससे दिक्कत बढ़ी है। कुछ पशुओं की मौत बीमारी की वजह से हुई है। चारे की कमी नहीं थी।
- अशोक कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें